
कान्सेप्ट फोटो
नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह ने अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों के साथ गुरुवार को बैठक की। चार घंटे से अधिक देर तक चली इस बैठक में कई अहम फैसले किए गए जिनमें सबसे खास रात में सफाई कराना है। इसके लिए पहले चरण में 11 बाजार चुने गए हैं। यहां दिन के समय भारी भीड़ रहती है। ऐसे में सफाई व कूड़ा उठवाना मुश्किल होता है। दुकानदारों और बाजार आए लोगों को भी दिक्कत होती है। अब इन बाजारों में हर शनिवार रात 11 बजे से एक साथ सफाई शुरू हुआ करेगा। इसके लिए अधिक से अधिक सफाईकर्मी लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, यह भी तय किया गया कि शादी की दावतों के बाद निकलने वाले कूड़े को उठाने के लिए नगर निगम अब शुल्क वसूल करेगा। लोगों को स्वयं नगर निगम से पर्ची कटवानी होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते तो अगले दिन संबंधित क्षेत्र के सफाई कर्मचारी कूड़ा तो उठा लेंगे लेकिन इसका बिल संबंधित व्यक्ति को थमा जाएंगे। सफाई निरीक्षकों को अपने क्षेत्र का स्वच्छता प्लान नए सिरे से बनाने को कहा गया। बैठक में स्वच्छता सर्वे के उन बिंदुओं पर भी मंथन किया गया, जिसमें अपना शहर पिछड़ा। तय किया गया कि कूड़ा कलेक्शन और निस्तारण के लिए यदि कोई कंपनी आती है तो ठीक, वरना निगम संसाधन जुटाकर खुद ही यह काम करेगा।
बाजार, जहां रात में होगी सफाई
संजय प्लेस, बेलनगंज, कमला नगर, राजामंडी, शाहगंज, रामबाग चौराहा, रूई की मंडी, अजीत नगर गेट, बिजलीघर चौराहा बाजार, राजपुर चुंगी, प्रताप नगर।
इसी साल 4-15 जनवरी तक यूपी में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम सोमवार को दोपहर में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने जारी किया। इस सर्वेक्षण में यूपी के सात शहर शामिल थे। शहरी विकास मंत्रालय ने शहरों को चार ग्रुप में बांटा है।
पहली सूची लीडर्स की है। इसमें 15 शहर शामिल हैं, लेकिन यूपी का कोई नहीं है। दूसरी सूची इंस्पायरिंग लीडर्स की है। इसमें 20 शहर हैं, इलाहाबाद और लखनऊ इसी ग्रुप में हैं।
सुधार की जरूरत (एक्सीलरेशन रिक्वायर्ड) वाले शहरों में कानपुर और आगरा को रखा गया है। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले गंदे शहर यानी स्लो मूवर्स वर्ग में यूपी के तीन शहर रखे गए हैं। इनमें वाराणसी के साथ एनसीआर का हिस्सा गाजियाबाद और मेरठ हैं।
वाराणसी के घाटों पर झाडू लगाकर सफाई का संदेश पीएम मोदी ने 2014 में दिया था। इसके बाद से उम्मीद की जा रही थी कि वाराणसी का साफ-सुथरा शहरों में शुमार होगा लेकिन सबसे गंदी जगहों में वाराणसी से नीचे केवल नौ शहर ही हैं।
यूपी का हाल
लीडर्स- कोई नहीं।
इंस्पायरिंग लीडर्स- इलाहाबाद, लखनऊ
एक्सीलरेशन रिक्वायर्ड- कानपुर, आगरा
स्लो मूवर्स- वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ
रैकिंग
ऑल इंडिया रैंक–यूपी रैंक
इलाहाबाद– 22- -1
लखनऊ–28 – -2
कानपुर–45 –3
आगरा–47- -4
वाराणसी–65 – -5
गाजियाबाद–67- -6
मेरठ–69- -7
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