मथुरालीक्स…अपहरण कर फिरौती वसूलने के 16 साल पुराने मामले में भूरा गैंग के नौ सदस्यों को उम्रकैद की सजा। पांच अपहर्ता आगरा के। एक के गैर जमानती वारंट।
मथुरा के विनोद शंकर का हुआ था अपहऱण
अभियुक्तों सजा मथुरा के अपर सत्र न्यायाधीश (सप्तम) संजय चौधरी के न्यायालय से सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक मथुरा शहर कोतवाली की पीरपंच गली निवासी विनोद शंकर शर्मा 28 दिसंबर 2006 की सुबह अपने घर से टहलने के लिए गए थे। मगर, लौटकर घर नहीं आए। विनोद शंकर शर्मा के दामाद कोयला वाली गली निवासी योगेश शर्मा ने कोतवाली में अपने ससुर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
80 लाख की फिरौती मांगी, चार लाख देकर मुक्त कराया
पुलिस और स्वजन विनोद की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनके घर फोन आया और विनोद शंकर शर्मा को रिहा करने के बदले 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। परिजनों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने पर पुलिस मुकदमा अपहरण में तब्दील कर दिया। लेकिन पुलिस अपहर्ताओं का पता नहीं लगा सकी। इस बीच विनोद के परिजनों ने चार लाख रुपये की फिरौती देकर विनोद शंकर शर्मा को मुक्त कर लिया।
पुलिस ने इन आरोपियों को किया था गिरफ्तार
बाद में पुलिस ने इस मामले में रौबी हुसैन उर्फ सिराज निवासी बालाजीपुरम थाना जगदीशपुरा आगरा, हनी उर्फ दीपक चौधरी शास्त्रीपुरम रोड थाना सिकंदरा आगरा, बौबी यादव उर्फ फौजी निवासी जरूपुरा थाना सिकंदरा आगरा, रामबाबू निवासी गांव नौरोली निवासी थाना बसेड़ी धौलपुर राजस्थान, किसनू उर्फ कृष्णा निवासी नौरोली, थाना बसेड़ी धौलपुर राजस्थान, पप्पू यादव निवासी ककरेटा सिकंदरा आगरा, प्रशांत निवासी बालाजीपुरम थाना शाहगंज आगरा, भोले उर्फ पिंटू उर्फ मोहन निवासी अंतापाड़ा कोतवाली मथुरा, रामकुमार गौतम उर्फ आरके बास निवासी महरारा थाना सहपऊ हाथरस को गिरफ्तार किया।
एक दोषी के हाजिर नहीं होने पर गैर जमानती वारंट
गत तीन सितंबर को एडीजे (सप्तम) संजय चौधरी के न्यायालय ने सभी को दोषी ठहराया था, जिन्हें जेल भेज दिया था। एडीजीसी मुकेश बाबू गोस्वामी ने बताया, हाजिरी माफी का पत्र दिए जाने के कारण रामकुमार गौतम उर्फ आरके बास और अवधेश यादव न्यायालय में पेश नहीं हुए थे। आज अवधेश यादव सजा सुनाने के दौरान न्यायालय में पेश नहीं हुआ। अवधेश के गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी
दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी किया गया है। अर्थदंड का भुगतान नहीं दिए जाने पर छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। एडीजीसी ने बताया कि सभी दोषी भूरा गैंग के सदस्य हैं।