आगरालीक्स…(देवेन्द्र कुमार)…डॉक्टर साहब, अगर आपके बाल बढ़ गए हो तो आ जाऊं घर बाल काटने…खबर में पढ़िए कैसे दुकानदार अब घर तक दे रहे सुविधाएं…कोरोना काल से आए कैसे—कैसे बदलाव
- अब छोटा परचून दुकानदार भी कर रहा सामान की होम डिलीवरी
- नाई घर जा रहे बाल काटने. व्हाट्सएप बन रहा जरिया
”डॉक्टर साहब, अगर आपके बाल बढ़ गए हो तो आ जाऊं घर बाल काटने…”ये कहना है एक हेयर ड्रेसर का. दरअसल कोरोनाकाल में डॉक्टर साहब अपने घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. पर क्या करें बाल के साथ—साथ दाढ़ी भी बढ़ गई है. लेकिन इसकी उन्हें बिल्कुल भी चिंता नहीं है. क्योंकि जिस हेयर ड्रेसर पर वह बाल कटाने जाते थे वो अब खुद घर पर समय—समय पर आ जाता है. कभी—कभी तो वह खुद डॉक्टर साहब से पूछ लेता है कि बाल बढ़ गए हों तो आज जाऊं घर.
छोटे से छोटा दुकानदार कर रहा होम डिलीवरी
आगरा में इस समय छोटा सा छोटा परचून दुकानदार भी अपने ग्राहकों को महीने का जरूरी सामान घर पहुंचा रहा है. वह जरूरी सामानों की होम डिलीवरी कर रहा है. इसके लिए उसे दुकान खोलने की भी जरूरत नहीं है. उसने बस अपने ग्राहकों को अपना व्हाट्सअप नंबर दे दिया है. लोगों को जब भी महीने का राशन मंगाने की जरूरत होती है तो वह उस नंबर पर अपने सामान की लिस्ट डाल देते हैं. दुकानदार लिस्ट के अनुसार सामान तैयार करता है और उसे अपने ग्राहक के घर पहुंचा देता है. इस प्रक्रिया से न तो दुकानदार को कोई परेशानी हो रही है और न ही लोगों को घर से बाहर निकलने की जरूरत पड़ रही है.
दुकान आने की जरूरत नहीं
होम डिलीवरी करने काम केवल परचून दुकानदार नहीं कर रहे बल्कि अन्य दुकानदार जैसे नाई, इलैक्ट्रिशयन सामान, दवाएं, फल—सब्जी आदि भी लोगों के घर तक पहुंचाई जा रही है. ये सामान लोगों की हर महीने की जरूरत का हिस्सा हैं. इस समय लॉकडाउन लगा हुआ है. दुकान खोलने को लेकर कुछ ही घंटे मिल रहे हैं तो दुकानदारों ने अपनी ये प्रक्रिया अपना ली है. लोग फोन पर ही हेयर ड्रेसर को बाल काटने के लिए घर आने को कह रहे हैं. इलैक्ट्रिक सामान मंगाना हो या दवाएं सारे काम फोन पर ही किए जा रहे हैं. इसकी लिस्ट दुकानदार के व्हाट्सअप पर डाल दी जाती है और कुछ ही देर में सामान घर पहुंच जाता है.
सामानों के पैकेट तैयार
दुकानदारों ने अपने ग्राहकों को सामान उपलब्ध कराने के लिए सामानों के पैकेट तैयार कर लिए हैं. जिससे कि कोई उस समान को बार—बार छू न सके. जैसे दाल के आधा किलो और एक किलो के पैकेट तैयार कर स्टेप्लिस कर दिया गया है. इसी तरह चावल, तेल, चीनी, छोले और जरूरी खाद्य सामान के पैकेट जरूरी मात्रा के हिसाब से तैयार कर लिए गए हैं.
सुरक्षा भी अपना रहे लोग
दुकानदार द्वारा सामान घर पहुंचाने पर भी लोग सुरक्षा अपना रहे हैं. अगर कोई दुकानदार महीने का राशन लेकर घर पहुंच रहा है तो वह मास्क लगाकर आ रहा है. घर पहुंचने पर हाथों को सेनेटाइज कराया जाता है. जो धोने वाले सामान होते हैं उन्हें धोया जाता है.
कोरोनाकाल के कारण पाबंदियां
पिछले साल मार्च से हमारा देश कोरोना महामारी की चपेट में है. पहली लहर के बाद इस साल दूसरी लहर भी लोगों को बड़ी संख्या में अपना शिकार बना रही है. कई लोगों की जान तक जा चुकी है. सरकार से लेकर शासन—प्रशासन और डॉक्टरों द्वारा इस महामारी के दौरान घर से बेवजह बाहर न निकलने को कहा जा रहा है. नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस चेकिंग कर रही है और लोगों के चालान काट रही है. दुकानें खोलने और बंद करने का टाइम निर्धारित कर दिया गया है. ज्यादा देर तक दुकान न खोलने को कहा जा रहा है और इसके अलावा भीड़ होने पर कार्रवाई भी की जा रही है.