आगरालीक्स …आगरा में श्री 1008 श्री मज्जिनेद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में आज चौथे दिन विधि विधान के साथ महाराज नाभिराय ने आदिकुमार का राज्याभिषेक किया। भगवान को नीलांजना का नृत्य करते समय उसकी मृत्यु देखकर वैराग्य हो गया। इस अवसर पर मुनि विजयेश सागर के प्रवचन हुए। लोकांतिक देवों ने भगवान के वैराग्य की अनुमोदना की। तब भगवान की पालकी उठाने के लिए देवताओं और मनुष्यों मे बहस हुई और मुनिराज ने निर्णय दिया कि मनुष्यों का अधिकार है क्योंकि मनुष्य संयम धारण करते हैं फिर भी देवताओं को भी सात कदम उठाने का निर्णय हुआ। भगवान ने अपने पुत्रों भरत और बाहुबली को बुलाया। भरत को अपना अयोध्या और बाहुबली को पोदनपुर का राज्य सौंप कर दीक्षा ली। इससे पूर्व नित्य अर्चना की गई।
मुनिराज विहर्ष सागर ने दीक्षा संस्कार किये। बालक भगवान की बाल लीलाओं, वैराग्य दर्शन, दीक्षा कल्याणक व विधि संस्कार का नाट्य मंचन देख भक्तजन भक्ति में भावविभोर हो गए। पिच्छीका भेंट करने का सौभाग्य श्रीमती उषा मार्शन्स कमण्डलु भेंट करने का सौभाग्य श्रीमती मिथलेश, भगवान के केशप्राप्त करने का सौभाग्य शचि इंद्राणी को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या मे श्रद्धालु उपस्थित रहे बिशेष रूप से राकेश परदेवाले, राजकुमार गुड्डू, वीरेंद्र, जितेंद्र सुदीप, विमल, सुमेरचंद, विशाल, अंकित आदि मौजूद रहे। रात्रि मे कविसम्मेलन का आयोजन हुआ।