आगरालीक्स ..आगरा के सेंट जॉर्जेज स्कूल के छात्रों के अभिभावकों ने फीस मांफ करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, स्कूलों की संस्था अप्सा ने डीआईओएस को ज्ञापन देकर सक्षम अभिभावकों द्वारा फीस जमा करने की मांग की है।
आगरा के सेंट जॉर्जेज कॉलेज, यूनिट द्वितीय बाग मुजपफृफर खां में अप्रैल में नई किताब लेने के बाद जून में दोबारा से किताब खरीदने के लिए मैसेज भेज दिया गया, दो महीने में ही किताबों के बदले जाने पर छात्रों के अभिभावकों ने हंगामा किया, कुछ देर बाद ही कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि अप्रैल में जो किताबें खरीदी गई हैं छात्रों की पढाई उन्हीं किताबों से की जाएगी। इसके बाद से अभिभावक लॉक डाउन की अवधि की फीस माफ करने की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को अभिभावक सेंट जॉर्जेज कॉलेज पहुंचे, यहां कॉलेज का गेट नहीं खुला, इसके बाद वे कलक्ट्रेट पहुंच गए। फीस माफ करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया।
अप्सा ने की सक्षम अभिभावकों से फीस जमा करने की मांग
फीस का मामला गर्माने के बाद एसोसिएशन आफ प्रोग्रेसिव स्कूल आफ आगरा (अप्सा) ने डीआईओएस रविंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा, इसमें कहा गया है कि कुछ लोग फीस माफ करने का भ्रम पफैला रहे हैं, इससे सक्षम अभिभावक भी स्कूल की फीस जमा नहीं कर रहे हैं, फीस माफ करने को लेकर कोई भी आदेश नहीं आया है, इसलिए सक्षम अभिभावक अपने बच्चों की फीस जमा करा दें।

कृपया निम्नलिखित बातों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करके उचित निर्णय ले l
- उपरोक्त सरकार के आदेशानुसार अप्सा के किसी भी स्कूल ने अप्रैल, मई, जून की बस की फीस नहीं ली है।
- मार्च, अप्रैल, मई और जून की फीस किसी भी स्कूल में 5 – 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं आयी है।
- अप्सा के किसी भी स्कूल ने किसी भी बच्चे की फीस न देने की वजह से नाम नहीं काटा है।
- किसी भी स्कूल में अप्रैल, मई और जून की फीस में किसी भी प्रकार का अविलम्ब शुल्क अभिभावकों से नहीं लिया गया है।
- फीस न आने की वजह से शिक्षण और गैर शिक्षण कर्मचारियों को सम्पूर्ण वेतन देने में सभी विद्यालय असमर्थ हैं ।
- फीस न आने पर ऑनलाइन शिक्षा से किसी भी विद्यार्थी को वंचित नहीं किया गया है।
- अप्सा के स्कूल्स सत्र 2019 – 20 में जो फीस ली थी वही सत्र 20 – 21 में मांग रहे हैं अर्थात कोई भी फीस वृद्धि नहीं की गई है ।
इन परिस्थितियों में आपसे अनुरोध है कि ऐसे आदेश निर्गत करें जिससे सक्षम/पात्र अभिभावक फीस जमा करें l एक भ्रान्ति जो अभिभावकों के मन में फीस के विषय में दूर हो सके और हमारी संस्थायें शिक्षकों तथा गैर शिक्षण कर्मचारियों को वेतन, बिजली के बिल, बसों के इन्शोरेन्स, ई.एम.आई. आदि का भुगतान कर सकें ।
भवदीय
डॉ. गिरधर शर्मा
सचिव
अप्सा
फाइल फोटो