आगरालीक्स ..आगरा में 707 कोरोना के मरीज ठीक हो गए हैं, इनके ब्लड से प्लाज्मा लेकर कोरोना पॉजिटिव का इलाज किया जाएगा। 25 को फोन किया, 3 ही प्लाज्मा देने को तैयार हुए, तीनों डॉक्टर हैं। पढे पूरी खबर।
कोरोना पॉजिटिव मरीजों के फेफडों में संक्रमण होने से सांस लेने में परेशानी होने लगती है, ऐसे में आक्सीजन ना मिलने से मौत हो रही है। मरीज एक्यूट रेस्पेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम में चले जाते हैं। इस कंडीशन में मरीजों पर प्लाज्मा थैरपी का ट्रायल चल रहा है। कोरोना के 452 मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी से इलाज किया जाना है, कुछ सेंटर पर यह शुरू हो चुकी है। अब एसएन मेडिकल कॉलेज में भी इस थैरेपी को शुरू करने के लिए आईसीएमआर से अनुमति मांगी गई है।
ठीक होने के 28 दिन बाद दे सकते हैं प्लाज्मा
इस थैरेपी के लिए कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के ब्लड से प्लाज्मा निकाला जाता है, ठीक होने के 28 दिन बाद प्लाज्मा दे सकते हैं। ब्लड बैंक में कोरोना से ठीक हो चुके मरीज का ब्लड लेते हैं, इसी ब्लड से प्लाज्मा निकाल लिया जाता है और ब्लड वापस मरीज के शरीर में चला जाता है, इस तरह 400 से 450 एमएल प्लाज्मा लिया जाता है। इस प्लाज्मा को कोरोना पॉजिटिव एडीआरएस के मरीजों में चढाया जाता है, जिससे उनकी जान बचार्द जा सके।
707 हुए ठीक, 25 को किया फोन, प्लाज्मा देने को तीन हुए तैयार
आगरा में कोरोना के 843 केस आ चुके हैं, 707 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। एसएन की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ नीतू चौहान कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए फोन कर रहीं हैं। उन्होंने 25 लोगों को पफोन किया, इसमें से तीन लोग ही प्लाज्मा देने को तैयार हुए हैं, ये तीनों की डॉक्टर हैं। इसमें से आगरा के सैंया के सीएचसी पर तैनात डॉ आरके सिंह नोएडा जाकर प्लाज्मा डोनेट कर आए हैं।