आगरालीक्स.. मीनाक्षी शर्मा की कविता
क्या पता था, किसी को;
एक ऐसा पल भी आऐगा।
जब पूरा संसार,
कोरोना-कोरोना चिल्लाऐगा।।
ये एक ऐसा संकट है आया,
जो सबको अपने घर वापस है लाया।
क्या किसी ने सोचा था कभी,
कि अपनों के साथ इतना वक्त मिल जाएगा।।
हमको कितना खौफ है कि ,
ये वायरस हमको निगल जाएगा।
तडप उठते हैं ये सोचते ही,
कि हमारे अपनों से दूर ले जाएगा।।
कद्र कर लो इस क्षण की,
वक्त ये ऐसा है;
जो लौट के ना आएगा।
इस वक्त में खुश रह लो,अपनों के साथ;
ये पल लौट के ना आएगा।।
जिंदगी की डोर तो,
ऊपर वाले के हाथ है।
कौन तुझे मार पाएगा,
अगर वो तेरे साथ है।।
वक्त अगर अभी आया,
नहीं है तेरा।
तो ये वायरस भी,
कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा।।
जिंदगी कुछ नहीं,
बस एक पल की तरह है।
अपनों के साथ इतना वक्त मिल जाए,
तो इससे ज्यादा और चाहिए ही क्या।।
तो परेशान क्यों होना,
मेरे प्यारों बस खुश रहो ना।
जब कोरोना लाया है, इतनी खुशियाँ;
फिर क्यूँ कोरोना को रोना।।