आगरालीक्स…. आगरा में सर्जरी, चोट या पैरालाइसिस के मरीजों के लिए सेंटर, जहां मरीजों को भर्ती करके फिजियोथैरेपी, गाड़ी से लाने-छोड़ने, डे केयर, आधुनिक मशीनें, व्हील चेयर, हेल्पर, लिफ्ट नर्सिंग असिस्टेंट जैसी सुविधाएं हैं, रिकवरी भी फास्ट.

आज आगरा में स्पोर्ट्स इंजरीज, आर्थराइटिस, स्ट्रोक, सेरिब्रल पाल्सी, ट्राॅमेटिक ब्रेन इंजरी, स्पाइनल काॅर्ड इंजरी आदि के मामले बड़ी संख्या में सामने आते हैं। जबकि इसे देखते हुए हेल्थकेयर सेक्टर में एक्सपर्ट्स या स्पेशलिस्ट मेडिकल प्रोफेशनल्स की कमी है। मसलन फिजियोथैरेपिस्ट, स्पीच थैरेपिस्ट, आॅक्यूपेशनलिस्ट। इस बीच अगर रिहेबिलिटेशन थैरेपिस्ट की बात करें तो वह मरीजों को संपूर्ण रूप से किसी भी ट्राॅमा से बाहर निकालने में मददगार है। आगरा में ऐसी ही एक जगह है ’प्रोटोन’।
पुराना रघुनाथ टाॅकीज, रघुनाथ मेडिकल काॅम्पलेक्स, बाग मुजफ्फर खां स्थित केपी इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज में प्रोटोन एक फिजियोथैरेपी रिहेबिलिटेशन आॅफ टोटल आॅर्थोपेडिक एंड न्यूरोसर्जिकल डिस्आॅर्डर सेंटर है। जो मरीजों के पूर्ण पुनर्वास में मदद करता है। सेंटर की संचालक डाॅ. रिपुन ने बताया कि जब बात न्यूरो एंड आॅर्थो रीहैब की आती है तो अक्सर देखा गया है कि मरीजों के पास यह सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं होती क्योंकि जरूरतमंदों की तुलना में एक्सपर्ट्स कम हैं। ऐसे में होता यह है कि मरीज या तो किसी की भी सलाह मानकर गलत व्यायाम इत्यादि शुरू कर देता है जिससे तकलीफ सही होने की जगह बढ़ सकती है। अधिकांश लोग घर पर फिजियोथैरेपिस्ट चाहते हैं, लेकिन इसमें भी एक तकनीकी पहलू है। कोई भी फिजियोथैरेपिस्ट घर पर एक से दो घंटे का समय दे सकता है लेकिन गौर करने की बात ये है कि इस अवधि में मरीज कितनी देर तक प्रयास करता है। किसी भी सर्जरी या चोट के बाद रिकवरी के लिए फिजियोथैरेपी या एक्सरसाइज से रिकवर करने के लिए पर्याप्त संसाधन और समय चाहिए। यह बार-बार करने वाली चीज है। इसके लिए अधिक अभ्यास चाहिए।
यही वजह है कि मरीजों की सभी जरूरतों को पूरा करने, पुनर्वास की संपूर्ण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उनके मन में एक ऐसा केंद्र खोलने की इच्छा जागृत हुई जहां एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। प्रोटोन इसी विचार के साथ शुरू किया गया एक केंद्र है जो मरीजों को पुनर्वास के लिए संपूर्ण सहायता प्रदान करता है।
सुविधाएं
- आगरा में रहने वाले पैरालाइसिस के मरीजों को गाड़ी से लाने एवं छोड़ने की व्यवस्था।
- पैरालाइसिस के मरीजों को भर्ती होकर (आईपीडी) फिजियोथैरेपी करवाने की व्यवस्था।
- व्हील चेयर, हेल्पर, लिफ्ट, नर्सिंग असिस्टेंट की व्यवस्था।
इलाज
- दिमाग और हड्डियों की किसी सर्जरी या चोट के बाद अधिकांश मामलों में मरीजों को फिजियोथैरेपी की जरूरत होती है। वे डे केयर में, भर्ती होकर या दिन में अपनी सुविधा अनुसार आकर फिजियोथैरेपी करा सकते हैं।
- सेंटर पर बहुत ही आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं जो मरीजों को अतिरिक्त और ऐसे अभ्यास करने में भी सक्षम बनाती हैं जिन्हें वे खुद से नहीं करते या उनके भीतर उन एक्सरसाइजिस को करने की ताकत नहीं होती। ये मशीनें शरीर के संबंधित अंग से लेकर मस्तिष्क की उन तंत्रिकाओं तक को प्रभावित करती हैं जिनसे वे अंग संचालित होते हैं।
- स्ट्रोक (फालिज या लकवा), रीढ़ की हड्डी की चोट, आॅपरेशन, किसी भी अन्य बीमारी के कारण संपूर्ण शरीर या किसी हिस्से को प्रभावित करने वाला पैरालाइसिस।
इस नंबर पर कर सकते हैं संपर्क
प्रोटोन फिजियोथैरेपी रिहेबिलिटेशन आॅफ टोटल आॅर्थोपेडिक एंड न्यूरोलॉजिकल डिस्आॅर्डर सेंटर की मदद लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर 7060980327 और 7668671458 पर संपर्क कर सकते हैं।