आगरालीक्स …आगरा में एयरपोर्ट के लिए अब कोई अडचन नहीं है, एयरोप्लेन उडने से ताजमहल पर प्रदूषण का कोई खतरा नहीं है, धनौली में जमीन अधिग्रहित हो चुकी है। अब भवन हैं जिनका अधिग्रहण नहीं हुआ है।
आगरा में धनौली-बल्हेरा-अभयपुरा में पंडित दीन दयाल उपाध्याय एयरपोर्ट प्रस्तावित है, भूमि पूजन भी हो चुका है लेकिन काम शुरू नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सिविल सोसायटी आफ आगरा में एयरपोर्ट का काम शुरू करने में आ रही अडचनों के लिए आरटीआई के माध्यम से जानकारी ली, इन जानकारियों को सार्वजनिक किया है।
सिविल सोसायटी आफ आगरा की प्रेसवार्ता में पदाधिकारियों ने बताया कि एमसी मेहता द्वारा एयर ट्रैफिक से ताजमहल पर प्रदूषण का खतरा होने का गतिरोध बताया, ऐसे में यह स्पष्ट हो चुका है कि हवाई जहाज बादलों से भी ऊपर स्ट्रेटोस्फियर लेयर में उडता है यह टी टी जेड के अध्ययन क्षेत्र तक मे नहीं आता है।
ताजमहल के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया में चल रहा एम सी मेहता बनाम संघ सरकार वाद में उ प्र सरकार और ताज ट्रिपेजियम जोन अथार्टी को अपने दायित्व निर्वाहन कर यह बताना चाहिये कि ताजमहल को वायु यानों के संचालन से कोई खतरा नहीं है।
चार मामलों में ही अधिग्रहण नहीं हुआ
धनौली-बल्हेरा-अभयपुरा में एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण हो चुका है, अब चार मामले ही रह गए हैं, जिन जमीनों का अधिग्रहण हो चुका है उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है।
(1) जो जमीन अधिग्रहितहो चुकी है उसे वाऊंड्री पूरी करवा के लोकर्निमाण विभाग से एयरपोर्ट अथार्टी को हस्तांतरित करवाएं
(2) जो चार निर्माण अब तक अधिग्रहित नहीं हो सके हैं उनके बारे में स्थिति स्पष्ट करें
(3) जिन भवनों, निर्माणों को लेकर अनुबंध हो चुके हैं उन्हें एवार्ड करवाना सुनिश्चित करे।
(4) आगरा प्रशासन और पं दीन दयाल उपाध्याय एयरपोर्ट आगरा के डायरेक्टर से आग्रह है कि आगरा के जन प्रतिनिधियों को अधिग्रहित जमीन की जानकारी, सिविल एन्कलेव के निर्माण की नवीनतम स्थिति के बारे में बतायें । जिससे कि नागरिकों को भी इस सम्बन्ध में सूचना मिलती रहे।
यह प्रोजेक्ट जनता की जरूरत और आगरा के आर्थतंत्र से सीधे तौर पर जुडा हुआ हैं। इस तथ्य को जनप्रतिनिधि ,सरकारी अधिकारी तथ टूरिस्ट ट्रेड के वे लोग भी जानते हैं जो कि अपने हित तथा आगरा के टूरिजम पर एकाधिकारिता को बनाये रखने के लिये सिविल एन्कलेव को वायुसेना परिसर की वाऊंड्री से बाहर लाने के प्रयासों को एक न एक कारण से लटकवाते ही रहे हैं।