आगरालीक्स… आगरा में पुष्पांजलि हॉस्पिटल के डायरेक्टर के बैंक एकाउंट से करीब एक करोड निकालने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने पकड लिया है, वह छठवीं फेल है, मामला जानकर होश उड जाएंगे।
आगरा में मंगलवार को एचडीएफसी बैंक में पुष्पांजलि अस्पताल के डायरेक्टर मयंक अग्रवाल के खाते से 98.70 लाख रुपये उड़ाने वाले मुख्य आरोपी धर्मेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। धर्मेंद्र के साथ उसके साढ़ू विकास को भी गिरफ्तार किया गया है। इनसे पुलिस ने करीब 45 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है। शेष धनराशि की वसूली के लिए लोगों से पूछताछ की जा रही है। आरोपी की पत्नी और कुछ बैंककर्मियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। ए
सएसपी अमित पाठक ने बताया कि थाना हरीपर्वत के तहत एचडीएफसी बैंक के खाते से धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज से मयंक अग्रवाल के खाते से धमेंद्र ने 98.70 लाख रुपये निकाल लिए थे। इस फर्जीवाड़े में बैंककर्मी भी शामिल थे। पुलिस मुख्य आरोपी धर्मेंद्र को निवासी ग्राम मढ़ी थाना डौकी और उसके साढ़ू विकास निवासी लक्ष्मीनगर मथुरा को गिरफ्तार किया है।
सीरियल बनाने के लिए चला गया था मुंबई
खाते से धनराशि निकालने के बाद धर्मेंद्र ने मथुरा में कुछ जमीनों की सौदेबाजी की। उसके बाद मुम्बई चला गया। वहां पर एक किराए पर ऑफिस लिया। वह सीरियल बनाना चाहता था। धर्मेंद्र के पास से 42 लाख 73 हजार रुपये और विकास से 47 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। इसके साथ धर्मेंद्र की पत्नी पूनम उर्फ लक्ष्मी से 50 हजार रुपये व दो लाख की कीमत वाली सोने की चेन और तीन कंप्यूटर व एक लैपटॉप मिला है। करीब 45 लाख रुपये का हिसाब पुलिस को मिल चुका है।
ऐसा निकालने बैंक से रुपये
धर्मेंद्र छठवीं फेल है लेकिन शातिर है। ने पुलिस को बताया कि बैंक कर्मचारी ज्ञानेंद्र और दिनेश के साथ मिलकर संजय प्लेस में शुभम अग्रवाल से मयंक अग्रवाल के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। पुलिस बैंककर्मी ज्ञानेंद्र, दिनेश, शुभम और पूनम को पहले ही जेल भेज चुकी है। दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। उसका दिमाग फर्जीवाड़े में चलता है। बैंक खाते से धनराशि निकालने के लिए बैंक कर्मियों को दो से तीन लाख रुपये देने का लालच दिया था। खाते से धनराशि निकलने के बाद फरार हो गया। बैंक कर्मियों को भी धोखा दे दिया। उसने कोटक महिंद्रा बैंक संजय प्लेस के अधिकारी श्याम सुंदर से मयंक के खाते से फंड ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन पत्र लिखवाया था। दिनेश की लॉगइन आईडी पर ज्ञानेंद्र के साथ मिलकर खाते का बैलेंस देखता रहा। इसी आईडी से धनराशि ट्रांसफर कराई गई थी।