आगरालीक्स ….आगरा में आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि ओसामा बिन लादेन और अल जवाहिरी के समर्थकों को भारतीय नागरिकता दी जाए या फिर पाकिस्तान में प्रताड़ित हिंदू, बौद्ध, सिख, पारसी, जैन, इसाइयों को भारत की नागरिकता दी जाए।
रविवार को सूरसदन में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग के सम्मेलन में संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि नागरिक संशोधन एक्ट से भारत का कोई भी नागरिक प्रभावित नहीं होगा। फिर चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या संप्रदाय से क्यों न हों।
सह सरकार्यवाह ने विरोध करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भारत में किसे नागरिकता दी जाएगी और किसे नहीं, यह संसद तय करेगी। किसी घुसपैठिए या बाहर से आने वाली विभाजनकारी शक्तियों को इस देश का नागरिक नहीं बनाया जा सकता है।
सन् 1947 में 47.58 लाख, 1957 में करीब आठ लाख, 1971 में 6.69 लाख और 2002 में हजारों शरणार्थी भारत आए थे। यह संसद का अधिकार है कि किसे नागरिकता दी जाए। इससे पहले भी जब नागरिकता कानून में संशोधन हुआ, तब भाजपा ने इसका समर्थन किया था।
संविधान के अनुच्छेद 14 को समझे
उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 के विपरीत है और भेदभावपूर्ण है। ऐसे लोगों को समझना होगा कि अनुच्छेद 14 भारत के नागरिकों पर ही लागू है, किसी विदेशी पर नहीं। ऐसे में अनुच्छेद 14 का वायलेशन कैसे हो सकता है? कहा कि समय-समय पर कांग्रेस, सपा और लेफ्ट के नेता भी पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने और उन्हें शरण देने का समर्थन करते रहे हैं। अब ऐसा क्या हो गया कि विरोध पर उतर आए हैं।