
पांच मार्च की शाम मथुरा में भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा लेने के बाद स्मृति का काफिला निकला। मथुरा से नोएडा जाते समय मयुना एक्सप्रेस वे पर स्मृति ईरानी की सुरक्षा में चल रही होंडा सिटी कार ने आगरा के कालिंदी विहार के रहने वाले रमेश नागर की बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के कुछ देर बाद ही रमेश नागर की मौत हो गई, जबकि उनकी पुत्री संदिली और बेटा अभिषेक बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद पीछे से आ रहा केन्द्रीय मंत्री का काफिले में शामिल अन्य गाडियां भी आपस में टकरा गईं। इससे स्मृति ईरानी की गाड़ी भी चपेट में आई।
रमेश नागर की 16 वर्षीय बेटी संदिली का कहना है कि एक्सीडेंट के बाद स्मृति अपनी गाड़ी से उतरीं और अपने सुरक्षकर्मियों की ओर गई। जब संदिली ने मदद की गुहार लगाई, तो स्मृति अपनी कार में बैठकर चली गईं। दो घंटे तक उसके पिता सड़क पर पड़े रहे। स्मृति ईरानी ध्यान देतीं तो शायद पिता बच जाते। इसके बाद उनको एक निजी गाड़ी ने एसएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल, आगरा पहुंचाया। संदिली ने इस बारे में थाना मांट (मथुरा) में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
रमेश नागर एत्मादपुर के रहने वाले थे और कालिंदी विहार में किराए के मकान में रह रहे थे, उनकी मौत के बाद परिजन एत्मादपुर चले गए हैं। सोमवार को एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अमित सिंह, शबाना खंडेलवाल, दीपक शर्मा रमेश नागर के परिजनों ने मिले, उन्हें मदद का अश्वासन दिया, साथ ही केंद्रीय मंत्री के खिलापफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। आप युवा मोर्चा के बीर वहादुर सिंह ने घायलों को दिल्ली में इलाज कराने के लिए कहा है।
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