
एमजी रोड पर सरापफा कारोबारियों ने मोदी टी स्टाल लगाई, इसके बाद लोगों को चाय बेची। सराफा कारोबारियों का कहना है कि जब तक एक्साइज डयूटी खत्म नहीं जाती है आंदोलन चलता रहेगा। प्रदर्शन में मुरारी लाल फतेहपुरिया के साथ श्रीसराफा कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र दौनेरिया, आंनद अग्रवाल, मोहन लाल अग्रवाल, सुधीर गुप्ता, सुशीला चौहान, राजेन्द्र खेरली, नरेन्द्र बंसल मौजूद रहे।
आज सुंदर कांड का पाठ
सराफा 8 मार्च को जीवनी मंडी तिराहे पर सुंदर कांड का पाठ करेंगे। सराफा करोबारियों का कहना है कि सरकार ने एक परसेंट जो टैक्स बढ़ाया है, उससे किसी भी सराफा को बहुत अधिक परेशानी नहीं है, परेशानी तो इस बात से है, कि व्यापारियों का पाला एक नए विभाग से पड़ेगा। पहले से ही कागजी कार्रवाई से परेशान व्यापारी एक और नए विभाग को नहीं झेल सकता है।
ये है मांग
श्री सराफा कमेटी ने वित्तमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि केंद्र सरकार आयात होने वाले सोने पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी वसूल रही है। यह सोना रॉ मैटेरियल के रूप में प्रयोग होता है और इसका महज 50 फीसदी ही आभूषणों में उपयोग हो पाता है। अगर राजस्व ही बढ़ाना है तो कस्टम ड्यूटी 10 की जगह 11 प्रतिशत कर दें। इससे एक्साइज की अपेक्षा कहीं ज्यादा टैक्स मिल जाएगा।
सोने, हीरे के आभूषणों पर केंद्र सरकार दो बार एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन दोनों ही बार व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण कदम पीछे खींचने पड़े। साल 2005 में केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत एक्साइज लगाया था, जबकि 2012 में एक फीसदी ड्यूटी लगाई गई। दोनों ही बार व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन बंदी कर सरकार को रोल बैक के लिए मजबूर कर दिया। यह तीसरा मौका है, लेकिन व्यापारी एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ लंबे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। वित्त मंत्री सराफा कारोबारी की मांग को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं, ऐसे में वे पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के प्रयास में जुटे हुए हैं।
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