आगरालीक्स… आगरा में एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया के स्कूल में टॉयलेट के लिए धरने पर बैठने पर राजनीति गर्माते ही कहने लगे कि मैं धरने पर नहीं बैठा, बीएसए का कहना है कि स्कूल किराए पर है, इसलिए कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है।
आगरा में जनप्रतिनिधि भाजपा के हैं लेकिन उनका जन समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं है। गुरुवार को एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया जगदीश पुरा स्थिति जूनियर हाईस्कूल में शौचालय न होने की शिकायत पर पहुंच गए। वहां पेड के नीचे बच्चे बैठ कर पढ रहे थे, जर्जर भवन और शौचालय नहीं था। इसे देख वे दंग रह गए, क्या करते कोई सुनने वाला नहीं था। ऐसे में वे खुद स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठ गए, फोन कर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई।
सोशल मीडिया पर डाले फोटो
इसके बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, सोशल मीडिया पर एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया के स्कूल में धरने पर बैठने के पफोटो सामने आती है, मीडिया और विभागीय अधिकारी पहुंच गए।
15 दिन का देना पडा अल्टीमेटम
एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया के धरने पर बैठने की सूचना पर अधिकारी पहुंच गए। उनसे स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए गए, वे जवाब देते, इससे पहले ही उन्होंने अधिकारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दे दिया। उनसे कहा कि 15 दिन में स्कूल की व्यवस्थाएं नहीं सुधरी तो अधिकारियों की खैर नहीं है। इसके बाद वे स्कूल से चले गए।
छात्राओं के लिए भी नहीं है शौचालय
आगरा में जनवरी में स्वच्छता सर्वेक्षण होना है, इससे पहले जूनियर हाईस्कूल के हालात ने सिस्टम की पोल खोल दी है। सडकों की धुलाई हो रही है लेकिन स्कूलों के जर्जर भवन की मरम्मत नहीं हुई है। इन स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय तक नहीं हैं।
ये कहना है एससी आयोग के अध्यक्ष का
मीडिया से एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ रामशंकर कठेरिया ने स्पष्ट किया है कि मैं क्षेत्र का निरीक्षण करने गया था।जनता की समस्याएं देखी, स्कूल की हालात बहुत खराब थी। करीब 50 वर्ष से यहां विद्यालय चल रहा है, लेकिन छोटे बच्चों को दयनीय हालात में पढ़ाई करनी पड़ रही है। मैं धरने पर नहीं बैठा था बल्कि बच्चों के बीच उनके साथ जमीन पर बैठकर ही बच्चों और अधिकारियों से बात की थी।
कैसे होगा कार्य
बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता का कहना है कि स्कूल किराए पर है, इसलिए कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। मकान मालिक से अनुमति ली जाएगी।