
आॅटो और वैन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर आरटीओ द्वारा अभियान चलाया गया, इस अभियान में आॅटो और वैन चालकों के चालान काटे जाने लगे। इस पर शुक्रवार से आॅटो और वैन चालक हडताल पर चले गए थे। इन दो दिनों में परिजनों को परेशानी का सामना करना पडा। सुबह से लेकर दोपहर तक परिजन दौड लगाते रहे, जगह जगह जाम में फंसने के बाद पसीना बहाते हुए अपने बच्चों को लेकर लोग घर तक पहुंचे।
आॅटो में छह और वैन में 11
एडीएम सिटी धर्मेंद्र सिंह के साथ आॅटो वैन चालकों की बैठक हुई, इसमें आॅटो में छह और वैन में 11 बच्चे ही बिठाए जा सकेंगे। ऐसे में बच्चों की संख्या कम रहती है तो वैन और आॅटो चालक अतिरिक्त पैसे ले सकेंगे। इसके साथ ही आॅटो और वैन से स्कूल जाने वाले बच्चों की सूची भी अपने साथ रखनी होगी। इस पर सहमति बन गई।
दो दिन परेशान रहे परिजन
सबसे ज्यादा जाम की स्थिति सेंट पीटर्स रोड पर रही। यहां चार स्कूल होने के चलते सुबह से ही कार और बाइकें आने लगी, इनके आडे तिरछे फंस जाने से जाम लग गया। ऐसे में बच्चों को समय पर स्कूल तक पहुंचाने के लिए परिजनों को बच्चों संग दौड लगानी पडी।
कुछ क्षेत्रों में आॅटो और वैन चालकों ने घर से बच्चों को ले लिया, लेकिन कुछ देर बाद ही लौट आए। उनका कहना था कि जगह जगह पर आॅटो वैन एसोसिएशन के पदाधिकारी खडे हुए हैं। वे आॅटो और वैन से बच्चों को नहीं ले जाने दे रहे हैं।
किसी तरह से लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल तक पहुंचा दिया है, लेकिन छुटटी के समय बच्चों को स्कूल से लेकर आने की स्थिति ने अभी से परेशान कर दिया है। दोपहर के समय वाहनों की संख्या ज्यादा होने से जाम रहता है, ऐसे में लोगों को अपने घर से छुटटी होने से एक से डेढ घंटे पहले निकलना होगा।
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