
सोबा (सिंधिया स्कूल ओल्ड बॉयज एसोसिएशन) के आगरा चैप्टर द्वारा सर्किट हाउस स्थित गोल्फ कोर्स में गोल्फ टूर्नामेंट का आयोजन किया गया, जिसमें 1952 से लेकर 2015 तक के बैच के स्टूडेंटों ने भाग लिया। टूर्नामेंट का शुभारम्भ मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने किया। कार्यक्रम में सोबा के लगभग 150 व टूर्नामेंट में 40 सदस्यों ने भाग लिया। इस मौके पर प्रदीप भटनागर ने कहा कि पुराने विद्यार्थियों से लेकर अब तक सभी को एक सूत्र में बांधे रखने के लिए यह बेहतर तरीका है।
वहीं 5 मार्च की शाम से गाला नाइट के साथ प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में तीन पीढ़ियों से सोबा स्टूडेंट ने सिर्फ जमकर मस्ती की बल्कि जिंदगी में सफलता के लिए एक दूसरे के अनुभवों को शेयर भी किया। एक ओर जहां 76 वर्ष के कौशल किशोर शर्मा (1952-1957 बैच) ने गोल्फ में पूरे 18 होल कम्पलीट किए वहीं सिंधिया स्कूल के 14 वर्ष के (कक्षा आठवी के छात्र) गोल्फ टीम के सदस्य वरुण अवस्थी ने अपने सीनियरों से जीत के लिए गोल्फ की न तकनीकों को ही नहीं बल्की जीवन में सफलता पाने की तकनीकों पर भी अनुभव शेयर किए। संचालन आगरा चैप्टर के अध्यक्ष मनीष बंसल ने किया। इस अवसर पर आगरा चैप्टर के उपाध्यक्ष अश्वनी जैन, सचिव अंकुर भार्गव, संयुक्त सचिव नितिन भार्गव, कोषाध्यक्ष भरत बंसल, राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल भार्गव, उपाध्यक्ष राहुल कुलश्रेष्ठ, सचिव संदीप अग्रवाल, डॉ. अतुल श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, अजीत कल्सी, ललित अरोरा, अनिरुद्ध भगत, अरविन्द कपूर, सिद्धार्थ शर्मा, महेश गांधी, संदीप अग्रवाल, नीरज सिरोही आदि उपस्थित थे।
इनको मिला पुरस्कार
गोल्फ टूर्नामेंट में प्रथम, भोपाल के अमित अग्रवाल, द्वतीय अलवर के मोहनीश जैन, तीसरे स्थान पर गुड़गांव के मयंक अरोरा रहे। इसके अलावा शिवम गुप्ता, गिरीश, नीरज सिरोही, अजय अग्रवाल, रवि सिंह आदि को भी विभिन्न कैटेगरी में पुरस्कृत किया गया।
मैं सिंधिया स्कूल का वर्तमान प्राचार्य हूं, लेकिन यहां मुझसे भी सीनियर और अनुभवी ओल्ड स्टूडेंट हैं। यह एक खास अनुभव है, जो मुझे बहुत कुछ सिखाता है। आज सोबा के देश विदेश में पांच हजार से अधिक मैम्बर हैं।
माधव देव सारस्वतः वर्तमान प्राचार्य सिंधिया स्कूल
अपने दादीजी की उम्र के अपने सीनियरों के साथ खेलना बहुत ही रोमांचित कर देना वाला अनुभव है। हमने उनके साथ अनुभवों का खूब आदान प्रदान किया। स्कूल की उनकी पुरानी यादों को भी शेयर किया।
स्नेहिल त्रिपाठी व शिवन गुप्ता, वर्तमान में सिंधिया स्कूल के हाईस्कूल के छात्र
सौबा से सभी एक साथ मिलने पर घर के सदस्यों की तरह फील करते हैं। सोबा संधिया स्कूल की एक ऐसी चेन है जो 1952 से अब तक सभी स्टूडेंट को एक सूत्र में बांधे रखने का बेहतरीन काम कर रही है।
गिरीश चांदौरकर, इनकमटैक्स कमिश्नर इंदौर
सोबा में कोई जूनियर सीनियर नहीं, सभी दोस्त हैं। जो सिर्फ इंजॉय करने के लिए ही एकत्रित नहीं होते बल्कि एक दूसरे के अच्छे बुरे वक्त में भी काम आते हैं। 6 साल बाद आज गोल्फ खेलकर बहुत मजा आया।
हरविन्दर सौडी, क्रिकेट कोच, मप्र रणजी ट्राफी
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