आगरालीक्स ….नवरात्र पर 172 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। माता रानी खुशियां लेकर आएंगी। इस तरह करें स्थापना और पूजा।
नवरात्र के आरंभ पर सोमवार 26 सितंबर को हस्त नक्षत्र, शुक्ल पक्ष व ब्रह्म योग, कन्या राशि का चंद्र व कन्या ही राशि के सूर्य में आनंदादि महायोग, श्रीवत्स योग बन रहा है। इससे पहले 1850 में यह योग बना था। इस बार माता रानी खुशियां लेकर आएंगी।

ये है शुभ मुहूर्त
सुबह 6.30 से 7.30 बजे तक अम्रत बेला
9.30 बजे से 11 बजे तक शुभ बेला
दोपहर 12.05 से 12.53 बजे तक अभिजीत बेला
12.40 बजे से 2.45 बजे तक धनु लग्न
इस तरह करें स्थापना
नवरात्र पर घट स्थापना की जाती है। देवा मां की प्रतिमा और फोटो को चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर स्थापित किया जाता है। मां को वस्त्र और आभूषण पहनाएं और केसर चंदन से श्रंगार करें। माता की चौकी के आगे एक कलश स्थापित करें और उसमें वरुण देवता का आह्रवाहन करें।
ऐसे करें पूजा
नवरात्र के नौ दिन हवन कुंड में आम की लकड़ी पर देवी के मंत्रों के साथ हवन करें। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जाएगी।