आगरालीक्स.. आगरा में कूडे से बिजली बनाने के प्लांट को सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दे दी है। चेकोस्लोवकिया की कंपनी 175 करोड की लागत से प्लांट लगाएगी, हर दिन 550 मीट्रिक टन कचरे से 10 मेगावाट बिजली बनेगी।
आगरा में कूडे से बिजली के उत्पादन के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए अक्टूबर 2017 में अनुमति मांगी गई थी। ताज ट्रेपेजियम जोन के चलते अनुमति नहीं मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब अनुमति दे दी है।
175 करोड का प्रोजेक्ट, हर रोज 550 मीट्रिक टन कूडे से बनेगी बिजली
आगरा का कूडा कुबेरपुर में डाला जाता है। यहां चेकोस्लोवाकिया की कंपनी स्पर्का ब्रेसन 175 करोड से प्लांट लगाएगी। इस प्लांट से शुरूआत में हर रोज 550 मीट्रिक टन कूडे से 10 मेगावाट बिजली बनाई जाएगी। इस प्लांट की क्षमता बढाकर 15 मेगावाट प्रति दिन की जाएगी। इसके लिए हर रोज 750 मीट्रिक टन कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा।
देश का पहला प्लांट होगा, इस तरह बनेगी बिजली
आगरा के कुबेरपुर में लगने वाला यह देश का पहला प्लांट होगा। कंपनी का दावा है कि अपनी तरह का यह पहला प्लांट है जिसमें सूखे और गीले कचरे को मिलाकर बिजली बनेगी। अभी तक सूखे कचरे से ही बिजली बनने के प्लांट स्थापित हुए हैं। इस प्लांट में सूखे और गीले कचरे को डाला जाएगा। इससे बिजली बनेगी और 4 फीसद से अधिक सिल्ट नहीं होगी। इसके लिए अलग से 140 टीपीडी का प्लांट लगाया जाएगा।
14 महीने में होगा प्लांट पूरा
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे का मीडिया से कहना है कि आगरा में कुबेरपुर में कचरे से बिजली बनाने का प्लांट लगाया जाएगा। इसका काम 14 महीने में पूरा होना है। इस प्लांट से बिजली का उत्पादन होगा, उसे यूपी पवार कारपोरेशन को बेचा जाएगा।