नईदिल्लीलीक्स… सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि राजद्रोह कानून पर पुनर्विचार तक इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
अगली सुनवाई अब तीन जुलाई को होगी
सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून पर रोक पर आज रोक लगाते हुए केंद्र और राज्यों से कहा है कि पुनर्विचार तक राजद्रोह कानून (114ए) तक कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाए। इस मामले की सुनवाई अब तीन जुलाई को होगी।
राज्य सरकारों को दिये हैं स्पष्ट निर्देशः सॉलिसिटर जनरल
राजद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमने राज्य सरकारों को दिए जाने वाले निर्देशों का मसौदा तैयार किया है।
जिलास्तरीय अधिकारी की मंजूरी पर ही रिपोर्ट
इसके मुताबिक राज्य सरकारों को सपष्ट कहा गया है कि जिला पुलिस कप्तान या उससे उच्च स्तर के अधिकारी की मंजूरी के बिना राजद्रोह की धाराओँ में एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। इस दलील के साथ सॉलिसिटर जनरल ने इस पर फिलहाल रोक लगाने की मांग की । साथ ही कहा कि इसमें जमानत के प्रावधान हैं लेकिन राजद्रोह कानून लागू करने के उचित कारण भी बताने होंगे।
सिब्बल ने तत्काल रोक लगाने की मांग की
दूसरी ओर याचिकाकर्ताओँ की ओर से कपिल सिब्बल ने कोर्ट से मांग की है कि राजद्रोह कानून पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है।
तीन सदस्यीय बेंच कर रही है सुनवाई
उल्लेखनीय है कि राजद्रोह कानून की वैधता के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच कर रही है, जिसमें चीफ जस्टिस एनवी रमणा, सूर्यकांत औऱ जस्टिस हिमा कोहली शामिल हैं।