आगरालीक्स…आगरा में 120 भी बिक रहा 10 रुपए किलो वाला आलू, शकरकंद भी इतराई, इसके दाम 50 भी, 150 भी, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान.
आगरा में आलू का स्वाद 20 रूपये से अधिक पहुंच जाए तो रसोई का बजट गड़बड़ा जाता है, लेकिन आगरा में सर्दी के साथ आलू के न सिर्फ दाम बढ़ रहे हैं बल्कि यह हर जुबान का जायका भी बन गया है। हम बात कर रहे हैं भुने हुए आलू की। मैनपुरी की तरह ही आगरा में भी अब रेत में भुना आलू लोगों की पहली पसंद बन गया है। इसके साथ भुने हुए शकरकंद का स्वाद भी लाजवाब है।
मैनपुरी के रेत में भुने हुए आलू का स्वाद आपने चखा होगा लेकिन अब यह स्वाद मैनपुरी की सीमाओं तक सिमटा नहीं है बल्कि आगरा में भी लोग इसकी चटपटी चाट का आनंद उठा रहे हैं। शहर में कई जगह आलू और शकरकंद रेत में भूनकर खिलाए जा रहे हैं। जायकेदार बनाने के लिए इनके साथ लहसुन और बिना लहसुन दो तरह की चटनी भी परोसी जा रही है। बल्केश्वर मुख्य बाजार में एक स्थान पर शकरकंद और आलू के साथ ही भुनी हुई चुकंदर के लिए लाइन लगी रहती है। इसी तरह खंदारी पर एक जगह उमेश ने भट्टी लगाई है।
यहां दोपहर दो बजे के बाद भीड़ लगने लगती है। उमेश की दुकान पर भुनी हुई शकरकंद 40 रूपये की 250 ग्राम जबकि भुने हुए आलू की कीमत 30 रूपये में 250 ग्राम तक है। चटनी, नींबू और मसाले की चाट बनवाकर यहां खड़े होकर खाने के अलावा लोग किलो के भाव खरीदकर भी खूब ले जा रहे हैं। वाटरवक्र्स क्रॉसिंग पर भड़भुंजे अयूब के पास भी शकरकंद और आलू भुनवाने वालों की लाइन लगी है। लोग आलू और शकरकंद बाजार से खरीदकर लाते हैं जबकि अयूब इन्हें जमा कर लेते हैं। सुबह आने वालों को शाम का जबकि शाम को आलू और शकरकंद लाने वालों को सुबह का समय दिया जा रहा है। इस समय बाजार में आलू की कीमत 15 रूपये किलो और शकरकंद की कीमत 50 रूपये किलो है जबकि रेत में भुने हुए आलू की कीमत 90 रूपये किलो और शकरकंद की कीमत 160 रूपये किलो तक है। बावजूद इसके लोग इन्हें जमकर खरीद और खा रहे हैं।
जीवनीमंडी स्थित एक दुकानदार ने बताया कि आलू में भी लोगों को अलग—अलग प्रकार के स्वाद पसंद आते हैं। ज्यादातर लोग छिलके वाला आलू मांगते हैं। असली स्वाद मसाला और चटनी बढ़ाती है। धनिया, हरी मिर्च, लहसुन और टमाटर को मिलाकर चटनी तैयार की जाती है।