
आगरा के खंदौली के नगला हुल्सा निवासी सोनू (21) गुरुवार को अपने बड़े भाइयों अजीत, बबलू, जितेंद्र के साथ विवाद हो गया था। बड़े भाई उसे वाहन चोरी नहीं करने के लिए समझा रहे थे, वह इसके लिए तैयार नहीं था और अपने भाईयों से भिड गया, भाईयों के बीच विवाद बढता चला गया। इस पर 315 बोर का तमंचा लेकर आत्महत्या करने की बात कहते हुए खेत की तरफ भागने लगा, उसे रोकने के लिए उसके भाईयों के साथ ही आस पास के गांव के लोग भी वहां पहुंच गए।
भीड के सामने मार ली गोली
सोनू के हाथ में तमंचा था और उसके आस पास पुलिस सहित ग्रामीणों की भीड जमा थी, वह चीख रहा था और कहता जा रहा था कि अब जीना नहीं चाहता है। लोग उससे तमंचा फेंकने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने खुद की कनपटी पर तमंचा रखकर गोली मार ली। मौके पर ही मौत हो गई। घर में कोहराम मच गया। थाना प्रभारी का कहना है कि सोनू वाहन चोर गिरोह का सदस्य था। उसके खिलाफ आगरा शहर और देहात के कई थानों में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पिता की तहरीर पर आत्महत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस पिटाई से मौत के आरोप
उधर, मथुरा के वृन्दावन निवासी राजवीर ने चोरी के मामले में मुखबिरी की थी। छह दिन पहले युवक का किसी से झगड़ा हो गया था। जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजनों ने इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसने दम तोड़ दिया।
परिजन पुलिस पर लगा रहे मारपीट का आरोप
राजवीर की मौत से खफा परिजन और आक्रोशित लोगों ने नगर पालिका चुंगी चौराहे पर युवक का शव रख कर जाम लगा दिया। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का कहना है कि राजवीर की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने बमुश्किल लोगों को समझा कर जाम खुलवाया। पुलिस का कहना है कि हमने राजवीर को हिरासत में नहीं लिया था। पड़ोसियों से छह दिन पूर्व हुए झगड़े में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
Leave a comment