
होटल क्लार्क शिराज में ताज लिटरेचर फेस्टिवल टीएलएफ थर्ड एडिशन के शुक्रवार सुबह शुभारंभ के बाद अभिनेता अन्नू कपूर ने कहा कि 1999 में वे अंताक्षरी की शूटिंग के लिए आगरा आए थे। इस दौरान मंच टूट गया, इस पर मीडिया ने उनकी गलत इमेज लोगों के सामने पेश की। इससे दुखी होकर आगरा न आने का प्रॉमिस किया था, 17 साल बाद आगरा आया हूं, वह नीरज जी की वजह है।
अन्नू कपूर ने कहा कि धर्म और भाषा के नाम पर हम एक नहीं हो सकते हैं। मगर, भारत माता के नाम पर तो एक साथ आ सकते हैं, इसलिए भारत माता का मंदिर बना रहे हैं क्योंकि देश के नाम पर ही देश में एकता हो सकती है।
देश में इंटोलरेंस और विदेशियों के लिए टोलरेंस
अन्नू कपूर ने कहा कि देश में इंटोलरेंस है, असहिष्णुता पर बडी बहस चल रही है। जबकि हमारे ही देश में विदेशियों के लिए सहिष्णुता का माहौल है।
विश्व सांस्क्रतिक शहर बनेगा आगरा
इससे पहले टीएलएफ के थर्ड एडिशन का शुभारंभ करते हुए कमिश्नर प्रदीप भटनागर ने कहा कि आगरा देश की सांस्क्रतिक राजधानी बन सकता है। उन्होंने कहा कि आगरा को विश्व सांस्क्रतिक शहर का दर्जा दिलवाने के लिए यूनेस्को से प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान एडीए वीसी मनीषा त्रिघाटिया, निदेशक हरविजय बाहिया, अशोक जैन सीए, अतुल जैन, डॉ आरएस पारीक, डॉ सीपी राय, राजीव गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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