वड़ोदरा के के रावपुरा इलाके में रहने वाले अजय एच. पटेल को पिछले कई वर्षो से लोग अब अंजलि उर्फ आकृति के नाम से ही पहचानते हैं। लंबे बाल, हाथों में चूडिय़ां, लिपिस्टिक और लड़कियों के कपड़े अब आकृति का परिधान हैं। शारीरिक व मानसिक रूप से उसमें स्त्री के सभी गुण-लक्षण हैं। आकृति ऑपरेशन कराकर पूर्ण रूप से स्त्री बनने के लिए पिछले 6 सालों से अस्पताल के चक्कर लगा रही थी, लेकिन अब उसकी यह इच्छा बहुत जल्दी पूरी होने जा रही है। आगामी नवंबर माह में शहर के एक निजी अस्पताल में आकृति का ऑपरेशन होगा और वह पूर्ण रूप से महिला बन जाएगी। आकृति ने अपने सुनहरे सपनों के बारे में खुलकर बात की। वे वैलेंटाइन डे पर करेगी शादी .
आकृति ने बताया कि ‘मुझे बचपन से ही लगने लगा था कि भले ही मेरा जन्म पुरुष के रूप में हुआ है, लेकिन वास्तविक रूप से मैं एक महिला हूं। बचपन में ही मेरे सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते मैं सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ाई कर सकी। इसके बाद मैंने कई ऐसे कोर्सेज किए, जिससे कि मुझे नौकरी मिल सके। इसके बाद मैंने ट्रांसजेंडर ट्रेनर का कोर्स किया और मुझे वडोदरा में ट्रांसजेंडर के लिए काम करने वाली संस्था ‘लक्ष्य फाउंडेशन’ में प्रोजेक्ट मैनेजर की नौकरी मिल गई। मैं पिछले चार-पांच सालों से यहीं पर हैं’
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