आगरालीक्स ..आगरा में वज्र वाहन लेकर जा रहे सिपाही द्वारा मजिस्ट्रेट की गाडी साइड न देने पर कोर्ट में वर्दी उतरवाने पर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने टिवीट किया है, इससे आहत सिपाही एसएसपी के सामने रोने लगा, डीजीपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को जिला जेल से दो कैदियों को वज्र वाहन से लेकर चालक कांस्टेबल घूरेलाल, कांस्टेबल राजेश कुमार, आलोक भारती और मनीष कुमार सिरौली,मलपुरा स्थित किशोर न्याय बोर्ड ले जा रहे थे। ग्वालियर रोड से सिरौली जाने वाले लिंक रोड पर सुबह 11 बजे ब्रज वाहन के पीछे मजिस्ट्रेट की गाडी चल रही थी, उनकी गाडी के हॉर्न और हूटर के बाद भी दो किलोमीटर तक ब्रज वाहन के चालक घूरेलाल ने मजिस्ट्रेट की गाडी को साइड नहीं दी।
कोर्ट में वर्दी उतरवाई
कोर्ट पहुंचते ही मजिस्ट्रेट ने ब्रज वाहन के चालक घूरेलाल को तलब कर लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिपाही घूरेलाल ने आरोप लगाए हैं कि मजिस्ट्रेट ने एसएसपी से बात कर नौकरी से निकलवाने की धमकी दी, इसके बाद टोपी बेल्ट उतारने के बाद वर्दी उतारने के लिए कहा, सिपाही घूरेलाल ने डर के कारण वर्दी उतार दी, किसी ने 100 नंबर पर सूचना दे दी, इसके बाद चीता मोबाइल और सीओ अछनेरा नम्रता श्रीवास्तव भी पहुंच गईं। उन्होंने सिपाही को वर्दी पहनवाई।
एसएसपी के सामने रोने लगा सिपाही
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एसएसपी बबलू कुमार ने सिपाही घूरेलाल से बंद करने में पूछताछ की, वह उनके सामने रोने लगा, उन्होंने इसकी रिपोर्ट भेजी है।
डीजीपी ने किया टिवीट
इस मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने शनिवार दोपहर में यूपी पुलिस के टवीटर हैंडल पर टवीट करते हुए इस घटना को गंभीरता से लेते हुए समाज के सभी वर्गों से वर्दी पहने सिपाहियों का सम्मान करने की अपील की है।