यूपीलीक्स… आगरा में ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर ग्रेडर आगरा बसाने का रास्ता साफ हो गया है। 612 हेक्टेयर भूमि पर ग्रेटर आगरा के लिए 150 करोड़ मिले। जानें ग्रेटर आगरा के बारे में।

आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे और लखनऊ एक्सप्रेस वे को जोड़ने वाले इनर रिंग रोड के सहारे रायपुर और रहनकला में 612 हेक्टेयर भूमि पर ग्रेटर आगरा बसाया जाएगा। इसके लिए एडीए ने अधिग्रहण कर लिया है और 612 हेक्टेयर भूमि एडीए के नाम दर्ज है लेकिन अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया है। 612 हेक्टेयर भूमि के लिए एडीए को 750 करोड़ रुपये देने हैं।
सरकार देगी 350 करोड़, 150 करोड़ मिले
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण व नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत जिन शहरों में आबादी बढ़ रही है और नए शहर विकसित किए जा रहे हैं। वहां, सरकार द्वारा सीड कैपिटल के रूप में भूमि की कुल कीमत की आधी धनराशि सरकार 20 साल के लिए देगी, जबकि शेष राशि का इंतजाम संबंधित प्राधिकरण को करना होगा। ऐसे में मंगलवार को ग्रेटर आगरा के लिए पहली किस्त के रूप में कैबिनेट ने 150 करोड़ रुपये की किस्त देने का निर्णय ले लिया है। सरकार को 350 करोड़ रुपये देने हैं जबकि शेष 350 करोड़ रुपये एडीए को जुटाने हैं। इसके लिए एडीए ने बैंक से लोन भी ले लिया है।
50 से लेकर 500 वर्ग मीटर के प्लाट, मेडिसिटी सहित और बहुत कुछ
ग्रेटर आगरा में रिहायशी और व्यावसायिक प्लांट आवंटित किए जाएंगे। सड़क, नाली, बिजली सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं एडीए विकसित करेगा। 50 से लेकर 500 वर्ग मीटर के प्लाट की बिक्री की जाएगी। मेडिसिटी भी विकसित की जाएगी।
300 करोड़ का लोन लिया
एडीए ने ग्रेटर आगरा विकसित करने के लिए बैंक आफ महाराष्ट्र से 300 करोड़ का लोन लिया है और शासन से 700 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस तरह एक हजार करोड़ रुपये से ग्रेटर आगरा विकसित किया जाना है।