आगरालीक्स… आगरा में उत्तरी विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी मदन मोहन शर्मा ने भ्रष्ट्राचार को मुदृदा बनाते हुए मोर्चा खोल दिया है। एक वीडियो जारी किया है, इसमें उन्होंने भ्रष्ट्राचार मुक्त आगरा के लिए युवाओं से जुडने की अपील की है। साथ ही यह भी बताया है कि छात्र राजनीति में किस तरह से भ्रष्ट्राचार के खिलाफ लडाई लडी और 2018 में डॉ बीआर आंबेडकर विवि के दो पूर्व कुलपति, कुलसचिव सहित 19 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
आगरा में 10 अप्रैल को भाजपा विधायक जगन प्रसाद की हार्ट अटैक से मौत के बाद आगरा उत्तर सीट खाली हो गई है। इस सीट पर 19 मई को मतदान होना है, 29 अप्रैल तक नामांकन किए जाने हैं। कांग्रेस ने रणवीर शर्मा, गठबंधन से सपा ने सूरज शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, भाजपा ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। वैश्य बाहुल्य सीट पर ब्राहृमण मतदान निर्याणक भूमिका में हैं। ऐसे में किसी पार्टी से टिकट न मिलने पर डॉ मदन मोहन शर्मा ने शुक्रवार को निर्दलीय नामांकन किया।
लोकतंत्र के पर्व में भ्रष्ट्राचार की अर्थी
मेरा एक सवाल है,इसी सवाल के जवाब की तलाश में मैं आगरा उत्तर विधानसभा से नामांकन करा हैं
मेरा सवाल है लोकतंत्र के पर्व में भ्रष्ट तंत्र का क्या काम
जैसा आप सभी जानते हैं,जिन्हें आप चुनकर सांसद और विधायक बनाते हैं,वे विधायक बनने के बाद बदल क्यों जाते हैं,इसकी भी जड में भ्रष्ट तंत्र है, घर के आगे नाली के खरजें से लेकर पीने के पानी और नौकरी में बडे स्तर पर भ्रष्टाचार चल रहा है, सीधे साधे लोग लाइन में लगे रहते हैं और रसूखदार लोग पैसे देकर अपना काम करा लेते हैं, ऐसा क्यों हो रहा है,कई बार खाली पेट अपने हक के लिए लाइन में घंटों खडे लोगों को देखने के बाद दिल में दर्द होता है,गुस्सा आता है कि आजादी के इतने साल बाद भी हम कहां हैं,भ्रष्टाचार ने सारा सिस्टम खराब कर दिया है,सरकारी खाजाना कुछ लोग डकार रहे हैं, विकास के नाम पर कागजों में खानापूर्ति हो रही है। मैंने लंबे समय तक छात्र राजनीति की, पूर्व कुलपतियों पर घोटाले में मुकदमे भी दर्ज कराए लेकिन कार्रवाई की इतनी धीमी गति है,अपने अनुभव, लोगों के दर्द को महसूस कर आज से मैं अपने समर्थकों के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ हल्ला बोल शुरू कर दिया हैं।यह चुनाव के बाद भी चलता रहेगा, किसी को चैन से बैठने नहीं दिया जाएगा।