आगरालीक्स… खेलने कूदने और पढ़ने की उम्र में बच्चियों के करतब रौंगटे खड़े कर देते हैं, कोई ताली बजाता है तो कोई वीडियो, क्या ये बंद होना चाहिए, आपकी राय ? वीडियो
आगरा में खेलने-कूदने और पढ़ाई-लिखाई की उम्र में छोटी-छोटी बच्चियों का रस्सियों पर करतब दिखाना आम बाता है। 10-12 फीट उंची और 20 फीट लंबी तनी हुई रस्सी पर इन बच्चियों के यह करतब रौंगटे खड़े कर देते हैं। यह वीडियो कुछ ही दिनों पहले आरटीओ कार्यालय के बाहर का है। रस्सी पर नन्हीं बच्ची ऐसे चल रही थी जैसे कोई जमीन पर चल रहा हो। सिर्फ चलना ही नहीं बल्कि यह बच्ची रस्सी को जोर-जोर से हिलाते हुए, पैर से इधर-उधर घुमाते हुए भी करतब दिखाती हैं, जिसे देखकर हर कोई दंग रह जाता है।
बच्ची नंग पैर, रिंग, थाली, चप्पल सिर पर लेकर चलती है और करतब दिखाती है। इस बीच लोग आते हैं, ठहरते हैं। तमाशा देखते हैं। कोई ताली बजाता है तो कोई फोटो खींचकर ले जाता है। इनके माता-पिता से बात करो तो पता चलता है कि पेट पालने के लिए ऐसा करना जरूरी है। अब खेलकूद और पढ़ने लिखने की उम्र में बच्चियों का सड़कों पर इस तरह करतब दिखाना कितना सही है और कितना गलत, आप क्या सोचते हैं ?