आगरालीक्स ..आगरा में स्कूल वैन, आटो और कैब चालकों ने हडताल कर दी है, गर्मी में बच्चों के साथ उनके परिजन परेशान है। स्कूल वैन चालक बुधवार से हडताल पर जा रहे हैं, उनका आरोप है कि आरटीओ द्वारा उत्पीडन किया जा रहा है।
संभागीय परिवहन विभाग में स्कूल बस के लिए दिए जाने वाले परमिट में बदलाव किया है। नए नियम के तहत शिक्षण संस्थान के वाहनों को ही बच्चों लाने ले जाने के लिए परमिट दिया जाएगा। पुराने परमिट से चल रहे वाहनों के लिए नियमों की जांच की जाएगी, इसमें कमी मिलने पर परमिट रद कर दिया जाएगा। शिक्षण संस्थान के 13 सीट से अधिक संख्या वाले वाहन को ही बच्चों को लाने ले जाने का परमिट दिया जाएगा।
स्कूलों ने बंद कर दी हैं बसें
पिछले एक साल में कई स्कूलों ने अपनी बस बंद कर दी हैं, इसमें मिशनरी स्कूल ज्यादा हैं, इन बसों में काम करने वाले ड्राइवर को स्कूल में चपरासी बना दिया है। स्कूल बस खडी करने की जगह न होने और आरटीओ की सख्ती के बाद स्कूल बस बंद कर दी गईं। अब अधिकांश मिशनरी और कुछ कान्वेंट स्कूलों की बस नहीं हैं।
प्राइवेट आटो और वैन से स्कूल जा रहे हैं बच्चे
मिशनरी और कान्वेट स्कूल के 70 फीसद बच्चे प्राइवेट आटो और वैन से स्कूल आ जा रहे हैं। आरटीओ के नए नियम आने के साथ ही आटो और वैन एसोसिएशन ने विरोध शुरू कर दिया है। स्कूल खुल गए हैं, इसलिए विरोध तेज किया जा रहा है, जिससे प्राइवेट वैन चालकों को रियायत दे दी जाए। हालांकि, नए नियम बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बनाए गए हैं।
जानकारों का क्या है कहना
इस मामले में जानकारों का कहना है कि स्कूल के लिए बस अनिवार्य की जाए, जिससे बच्चे सुरक्षित घर से स्कूल आ जा सकें, वे स्कूल बस की फीस भी चार्ज करते हैं। इससे प्राइवेट आटो और वैन चालकों की मनमानी और आडे तिरछे गाडी चलाने पर रोक लग सकेगी।

बच्चों को स्कूल ले जाने पर वैन चालकों ने किया विरोध
मंगलवार को कुछ वैन चालक बच्चों को स्कूल ले गए, इसके विरोध में अन्य वैन चालक आ गए, उन्होंने विरोध किया। इसके बाद वैन चालकों की एसोसिएशन ने बैठक कर तीन जुलाई से अनिश्चितकालीन हडताल कर दी है।
