आगरालीक्स.. आगरा के एक हॉस्पिटल में उल्टी होने पर भर्ती की गई चार साल की बच्ची की छह घंटे में मौत हो गई, परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं, आरोप है कि हॉस्पिटल में स्टाफ दवाओं पर दवाएं मंगाता रहा, उसकी पल्स रेट सहित वाइटल्स की जांच करने के लिए उपकरण तक नहीं लगाए गए। मौत होने के बाद हॉस्पिटल में रेफर कर दिया, वहां डॉक्टरों ने बच्ची की मौत होने की जानकारी दी। बच्ची के पिता विकास अग्रवाल और मां नीरू अग्रवाल ने सान्वीं के लिए सोशल मीडिया पर न्याय के लिए पोस्ट डाली है। साथ ही थाना शाहगंज में हॉस्पिटल संचालक और इलाज करने वाले डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है।
आगरा के नामनेर, आर्य समाज मंदिर निवासी विकास अग्रवाल और नीरू अग्रवाल की इकलौती बेटी सान्वी सेंट क्लेयर्स में पढती थी। 28 जून को छह से सात घंटे में सान्वी को दो उल्टी हुईं, वे अर्जुन नगर के एक हॉस्पिटल में बच्ची को लेकर पहुंचे, यहां उसे एडमिट कर दिया। उन्होंने बाल रोग विशेषज्ञ को बुलाने के लिए कहा, आरोप है कि हॉस्पिटल में एक दूसरे डॉक्टर को बुला लिया गया, उन्हें बाल रोग विशेषज्ञ बताते हुए इलाज शुरू कर दिया। बच्ची को कुछ इंजेक्शन दिए, इसके बाद वह कहने लगी कि नींद आ रही है। इसके बाद से सान्वी की तबीयत बिगडती चली गई।
दवाएं मंगाते रहे, मौत होने के बाद कर दिया रेफर
परिजनों का आरोप है कि सान्वीं के बेहोश होने के बाद स्टाफ दवाएं मंगाता रहा, एक के बाद एक कई बार दवाएं मंगाई, बच्ची के पल्स रेट तक चेक नहीं की गई। रात 11 30 बजे कह दिया कि हालत में सुधार नहीं है, इसे दूसरे अस्पताल ले जाएं, हमारे यहां आईसीयू नहीं है। वे बच्ची को लेकर दूसरे हॉस्पिटल पहुंचे, वहां डॉक्टरों ने बताया कि मौत होने के बाद बच्ची को रेफर किया गया है। इस मामले में थाना शाहगंज में तहरीर दी है।