आगरालीक्स… आगरा में स्कूल वैन, आटो और कैब चालकों की हडताल अधिकारियों से वार्ता के बाद स्थगित कर दी गई है। शुक्रवार से वैन चालक सुबह बच्चों को लेने के लिए आएंगे।
आगरा में आरटीओ द्वारा परमिट के लिए किए गए बदलाव और बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाने के बाद स्कूल वैन, आटो और कैब चालकों ने हडताल कर दी है। एक जुलाई से स्कूल खुल गए हैं, वैन चालक बच्चों को स्कूल लेकर नहीं जा रहे थे। इसे लेकर वैन चालकों की एसोसिएशन के साथ अधिकारियों की वार्ता की, तीन दिन में वैन चालकों की समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद से वैन चालकों ने हडताल स्थगित कर दी है, शुक्रवार से स्कूल, वैन, आटो और कैब चालक बच्चों को लेने आएंगे।
यह है मामला
आगरा में संभागीय परिवहन विभाग में स्कूल बस के लिए दिए जाने वाले परमिट में बदलाव किया है। नए नियम के तहत शिक्षण संस्थान के वाहनों को ही बच्चों लाने ले जाने के लिए परमिट दिया जाएगा। पुराने परमिट से चल रहे वाहनों के लिए नियमों की जांच की जाएगी, इसमें कमी मिलने पर परमिट रद कर दिया जाएगा। शिक्षण संस्थान के 13 सीट से अधिक संख्या वाले वाहन को ही बच्चों को लाने ले जाने का परमिट दिया जाएगा।
स्कूलों ने बंद कर दी हैं बसें
पिछले एक साल में कई स्कूलों ने अपनी बस बंद कर दी हैं, इसमें मिशनरी स्कूल ज्यादा हैं, इन बसों में काम करने वाले ड्राइवर को स्कूल में चपरासी बना दिया है। स्कूल बस खडी करने की जगह न होने और आरटीओ की सख्ती के बाद स्कूल बस बंद कर दी गईं। अब अधिकांश मिशनरी और कुछ कान्वेंट स्कूलों की बस नहीं हैं।
प्राइवेट आटो और वैन से स्कूल जा रहे हैं बच्चे
मिशनरी और कान्वेट स्कूल के 70 फीसद बच्चे प्राइवेट आटो और वैन से स्कूल आ जा रहे हैं। आरटीओ के नए नियम आने के साथ ही आटो और वैन एसोसिएशन ने विरोध शुरू कर दिया है। स्कूल खुल गए हैं, इसलिए विरोध तेज किया जा रहा है, जिससे प्राइवेट वैन चालकों को रियायत दे दी जाए। हालांकि, नए नियम बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बनाए गए हैं।
जानकारों का क्या है कहना
इस मामले में जानकारों का कहना है कि स्कूल के लिए बस अनिवार्य की जाए, जिससे बच्चे सुरक्षित घर से स्कूल आ जा सकें, वे स्कूल बस की फीस भी चार्ज करते हैं। इससे प्राइवेट आटो और वैन चालकों की मनमानी और आडे तिरछे गाडी चलाने पर रोक लग सकेगी।