आगरालीक्स….आगरा से मंत्री बनीं बेबीरानी मौर्य के बारे में जानिए. घरेलू महिला थीं. लेकिन पहली महिला मेयर बनीं, माननीय बनने के बाद ..अब मंत्री. क्या है एजुकेशन और फैमिली के बारे में भी जानिए
1995 से शुरू किया राजनीतिक सफर
योगी सरकार 2.0 में मंत्री बनाई गईं आगरा की बेबीरानी मौर्य की कहानी किसी रोचकता से कम नहीं है. 1995 से पहले घरेलू महिला थीं लेकिन वर्ष 1995 में भाजपा के साथ राजनीतिक सफर जो शुरू किया उसने इनको राजनीतिक सफलता की बुलंदियों तक पहुंचाने का काम किया. 1995 में भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने इन्हें आगरा से मेयर उतारा और बेबी रानी मौर्य आगरा से पहली महिला मेयर चुनी गईं. इसके बाद भी भाजपा के साथ इनका राजनीतिक सफर जारी रहा. वर्ष 1997 में बेबी रानी मौर्य को भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा का कोषाध्यक्ष चुना गया तो पांच सला बाद वर्ष 2002 में इनहें राष्ट्रीय महिला आयोग का सदस्य बनाया गया.

उत्तराखंड की राज्यपाल बनीं
वर्ष 2018 में बेबी रानी मौर्य को बाल अधिकार संरक्षण आयोग का सदस्य बनाया गया. इस समय वे विदेश में थी, लेकिन इसके बाद ही इन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल बनाए जाने की घोषणा कर दी गई. 26 अगस्त 2018 को बेबीरानी मौर्य उत्तराखंड की राज्यपाल बनीं. 8 सितंबर 2021 तक उत्तराखंड की राज्यपाल रहीं. इसके बाद यूपी की राजनीति में इन्हें शामिल किया गया. यही कारण है कि इस वर्ष विधानसभा चुनाव में इन्हें भाजपा की ओर से आगरा ग्रामीण सीट से प्रत्याशी घोषित किया गया. बसपा प्रत्याशी को हराकर आगरा ग्रामीण सीट से विजेता बनीं. आज शुक्रवार को बेबी रानी मौर्य योगी कैबिनेट में मंत्री चुनी गईं.
बेबीरानी मौर्य के बारे में
पति का नाम — प्रदीप कुमार (पंजाब नेशनल बैंक में डायरेक्टर पद से रिटायर्ड)
मायका — बेलनगंज
ससुराल — करियप्पा रोड
शैक्षिक योग्यता — स्नातकोत्तर
चल संपत्ति — 1.2 करोड़ रुपये
अचल संपत्ति — 2.9 करोड़ रुपये