
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के अभिहीत अधिकारी राम नरेश यादव ने बताया कि रावतपाड़ा निवासी अमित अग्रवाल का बेलनगंज में चायपत्ती का कारखाना है और रावतपाड़ा में यश ट्रेडिंग कंपनी के नाम से दुकान है। काफी समय से यहां मिलावटी चाय बनाने और बेचे जाने की शिकायत मिल रही थी लेकिन कारखाना ट्रेस नहीं हो पा रहा था। शनिवार को टीम ने बेलनगंज स्थित कारखाने में सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस. चौहान के नेतृत्व में छापा मारा।
कारखाने में कई तरीके की चायपत्ती रखी थी। इनमें से कुछ बोरों में बेहद घटिया क्वालिटी की थी कुछ में उससे कुछ बेहतर क्वालिटी थी। कारखाने में चायपत्ती में मिलावट कर अप्सरा और यशवार ब्रांड के पैकेटों में भरी जा रही थी। टीम ने करीब नौ सैंपल जांच के लिए भेजे हैं और 100 कुंटल चायपत्ती सीज कर कारखाने को बंद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर नाऊ की सराय हाथरस रोड पर दयालबाग निवासी सजल सचदेवा बिना लाइसेंस के चायपत्ती की फैक्ट्री चला रहा था। यहां भी मिलावटी सामग्री को कुंदन ब्रांड के नाम से पैक किया जा रहा था। जहां पैकिंग हो रही थी, उसके पास ही टायलेट क्लीनर और साबुन की पैकिंग की जा रही थी। यहां से करीब 700 किलोग्राम चायपत्ती सीज कर फैक्ट्री को बंद कराया गया है। जांच के लिए नमूने लखनऊ भेजे गए हैं। रेखा एस चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चल रहा है। जनता से अपील है कि उन्हें कही मिलावटी खाद्य पदार्थ बिकते या बनते दिखाई देते हैं तो वे इसकी सूचना मेरे कार्यालय में दें, जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
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