आगरालीक्स… आगरा रीजन में नॉन स्टॉप तेजस ट्रेन में आक्सीजन खत्म होने से मासूम की मौत के मामले में एंबुलेंस कंपनी के डॉक्टर और तकनीयिशन पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज।

बुधवार को पटना से एम्स, दिल्ली तीन साल के कृष्ण कार्तिकेय को तेजस ट्रेन से लेकर जा रहे थे, उनके साथ एंबुलेंस कंपनी के डॉक्टर और टेक्नीशियन वेंटीलेटर और आक्सीजन सिलेंडर लेकर जा रहे थे। इसके लिए एंबुलेंस कंपनी ने 63 हजार रुपये लिए थे, कानपुर से पहले आक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया। कानपुर स्टेशन पर भी आक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला इससे मासूम की मौत हो गई। टूंडला स्टेशन पर शव उतारा गया। जीआरपी टूंडला का कहना है कि साथ चल रहे एंबुलेंस कंपनी के डॉक्टर और टेक्नीशियन पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
25 अगस्त को आया था बुखार, लिवर हो गया खराब
मूलरूप से झारखंड के जिला गिरडीह के गांव नीमाडी में रहने वाले पवन कुमार गुप्ता दरभंगा बिहार में सेंट्रल बैंक की शाखा इकमीघाट में कृषि अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. इनका तीन साल का इकलौता बेटा कृष्ण कार्तिकेय को 25 अगस्त को बुखार आया था. पहले दरभंगा में इलाज चला. 27 अगस्त को उदयन हॉस्प्टिल पटना में भर्ती कराया गया. यहां डॉक्टरों ने मासूम का लिवर खराब होने की बात कहते हुए दिल्ली ले जाने के लिए कहा. गंभीर हालत में बच्चे को पटना से दिलली ले जाने के लिए नॉनस्टॉप तेजस एक्सप्रेस में पिता पवन, मां नीलू देवी, दादा लाल साहू के साथ बच्चे को सुरक्षित पहुंचाने के लिए डॉक्टर मनीष कुमार और टेक्नीशियन विनय कुमार का भी रिजर्वेशन कराया.
एंबुलेंस कंपनी ने 73 हजार लिए, आक्सीजन हो गई खत्म
मासूम के पिता पवन कुमार ने बताया कि पटना से दिल्ली ले जाने के लिए चिकित्सकीय टीम के साथ एंबुलेंस कंपनी ने 65 हजार रुपये लिए. इसके साथ दो आक्सीजन और वेंटीलेटर के साथ पटना से दिल्ली केे लिए तेजस एक्सप्रेस से रवाना हुए, लेकिन कानपुर से पहले ही आक्सीजन खत्म हो गई. रात दो बजकर 20 मिनट पर आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करने के लिए 8 हजार रुपये फोन पे से जमा करवाए गए, जिससे कानपुर पर आक्सीजन सिलेंडर मिल सके. इसके बाद भी आक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला.
10 मिनट चेन पुलिंग कर रोकी ट्रेन, रास्ते में मौत
कानपुर पर तेजस एक्सप्रेस के पहुंचते ही परिजन बाहर आ गए और आक्सीजन सिलेंडर का इंतजार करने लगे. आक्सीजन सिलेंडर न आने पर 10 मिनट तक चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया लेकिन सिलेंडर नहीं मिला. बाद में ट्रेन कानपुर से आगे की ओर रवाना हो गई लेकिन टूंडला पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया. स्टॉपेज न होने के बाद भी ट्रेन को टूंडला पर रोका गया. यहां रेलवे चिकित्सकीय टीम ने बच्चे का परीक्षण किया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. परिजनों ने चिकित्सकीय टीम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है. जीआरपी ने चिकित्सकीय टीम को हिरासत में लेते हुए वेंटीलेटर मशीन, आक्सीजन सिलेंडर को सील कर दिया है. जीआरपी प्रभारी अख्तर अली का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.