आगरालीक्स…शनिवार से एक साथ बन रहे 5 दुर्लभ योग. शनि, बुध और गुरु अपने ग्रह में रहेंगी वक्री. जानिए इससे किस राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव
24 सितंबर को एक साथ 5 दुर्लभ राजयोग बनने जा रहा है. इस दिन बुधादित्य राजयोग, हंस राजयोग, भद्र राज योग और नीच भंग राजयोग बन रहा है. इसके साथ इस दिन शनि, बुध और गुरु अपने गृह में वक्री रहेंगे। इसके अलावा शुक्र ग्रह 24 सितंबर 2022 को रात 8 बजकर 51 मिनट पर अपने मित्र ग्रह बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। जहां शुक्र नीच के माने जाते हैं। इस स्थिति में शुक्र 18 अक्टूबर तक रहेंगे और फिर उसके बाद अपनी स्वराशि तुला में पुनः गोचर कर जाएंगे।
♦️कन्या राशि में त्रियुति योग
24 सितंबर को जब शुक्र जब बुध की राशि कन्या में गोचर करेंगे, तब वहां पहले से मौजूद सूर्य और वक्री बुध के साथ उनकी युति होगी। इस कारण कन्या में शुक्र, सूर्य और बुध का त्रियुति योग बनेगा। तीन ग्रहों का ये योग कई जातकों में अहंकार की भावना भर देगा, उनकी भोग की इच्छा वृद्धि करेगा और वक्री बुध के कारण बुद्धि भ्रष्ट होने की संभावना है। ऐसे में प्रेम संबंधों पर इस योग का बहुत बुरा असर पड़ सकता है। सभी राशि के जातकों को इसके लिए विशेष सचेत रहना चाहिए और विपरीत लिंग के साथी से कुछ भी बोलने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लेना चाहिए।

♦️राहु-शुक्र के बीच षडाष्टक योग
शुक्र जब कन्या में अपना गोचर करेंगे, तब मेष राशि में मौजूद राहु के साथ उनका षडाष्टक संबंध बनेगा। इसे सबसे अशुभ योगों में एक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शुक्र और राहु के बीच गुरु-शिष्य का संबंध होता है। ऐसे में षडाष्टक योग समाज में आपकी छवि खराब कर सकता है। वहीं आपका पूरा ध्यान भोग-विलास और काम-वासना पर रहेगा। इससे आपका ध्यान भटक सकता है और काम का नुकसान हो सकता है। राहू का दृष्टि आपको गलत कार्य, व्यसन आदि की ओर प्रेरित करेगी। इनसे बचें, अन्यथा बुरी लत लग सकती है।
♦️केतू के साथ द्वि-द्वशंश संबंध
शुक्र जब अपनी नीच राशि कन्या में गोचर करेगा, तो उस वक्त तुला राशि में केतू मौजूद होगा। यहां केतू के साथ शुक्र का द्वि-द्वादश संबंध बनेगा। इस अशुभ योग से आपके खर्चों में वृद्धि होगी। किसी अफेयर या शराब आदि पर आप पैसे उड़ा सकते हैं। इसकी वजह से वैवाहिक जीवन में भी तनाव आ सकता है। विवाहित जातक किसी अफ़ेयर के चक्कर में धन खर्च कर सकते हैं। इसे लेकर सावधान रहें, वरना किसी स्कैंडल में फंस सकते हैं और बड़ी सामाजिक और आर्थिक हानि हो सकती है।
♦️गुरु-शुक्र में समसप्तक दृष्टि संबंध
24 सितम्बर को जब शुक्र कन्या में गोचर करेंगे, तब मीन में वक्री गुरु के साथ उनका समसप्तक दृष्टि संबंध बनेगा। ऐसे में वैदिक ज्योतिष के अनुसार भले ही गुरु और शुक्र दोनों ही शुभ ग्रहों की श्रेणी में आते हो, लेकिन इन दोनों की आपस में शत्रुता होती है। ऐसे में इन दोनों ग्रहों के समसप्तक में आ जाने के कारण ज्यादातर जातकों का वैवाहिक सुख और दांपत्य सुख प्रभावित होगा। यदि विवाह में किसी कारणवश बाधा आ रही है, तो बहतर होगा कि अभी आप कुछ दिन और इंतजार करें।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पं. हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भण्डार वाले पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर.9756402981, 7500048250