आगरालीक्स(08th August 2021 Agra News)… रविवार को गंगेगौरी बाग बल्केश्वर में रिद्धि विधान हुआ। मुनिश्री ने कहा कि महावीर की साधना होश की साधना है, जागरण की साधना है। जीवन में…।
64 प्रकार की रिद्धियों को विस्तार से समझाया
आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर गंगेगौरी बाग बल्केश्वर में रविवार को 64 रिद्धि विधान हुआ। 64 अर्घ्य संगीतमय में भक्तिभाव से भक्तों ने चढाए। ब्रह्मचारी रवीन्द्र भैया व ब्रह्मचारी नीरज भैया ने 64 प्रकार की रिद्धियों को विस्तार से समझाया। सुबह के समय श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा के साथ पूजन हुआ। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सौरभ जैन एंड पार्टी के मंगलाचरण के साथ हुआ। गुरु परिवार के सदस्य और सकल जैन समाज के लोगों ने आचार्यश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य जी का पादप्रक्षालन और पूजन करने का सौभाग्य विनोद जैन, प्रवीन जैन और संजीव जैन, योगेश जैन के परिवार और नरेंद्र कुमार जैन विकास जैन के परिवार को प्राप्त हुआ।

मूर्छा से ऊपर उठकर प्रभु के काम में लगें
आचार्य आदित्यसागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि होश में व्यक्ति किसी को गाली नहीं दे सकता। किसी का नुकसान नहीं कर सकता है। महावीर की साधना होश की साधना है, जागरण की साधना है। जीवन में जिन्होंने भी कुछ पाया, जागकर ही पाया है। इंसान को मूर्छा से ऊपर उठकर प्रभु के कार्य में लगना चाहिए। इससे मन की शांति और तन की शक्ति प्राप्त होती है। गुरुवर ने अनुयायियों को जीवन का महत्व समझाते हुए उसे व्यर्थ में नष्ट नहीं करने को कहा। इस मौके पर रजनी जैन, राहुल जैन, ऊषा पाटनी, सुमन जैन समस्त बलकेश्वर गंगेगौरी बाग के लोग मौजूद रहे।