आगरालीक्स…भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकेडमी की 7वीं वार्षिक वर्चुअल मीटिंग. सभी साइंटीफिक अकादमी को मिल कर देश के लिए काम करने के लिए दी गई राय
वर्चुअल हुआ आयोजन
भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी का सातवां वार्षिक मीटिंग वर्चुअल प्लेटफार्म पर 17 फरवरी से 19 फरवरी 2022 तक चला। भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी के इनऔगरल सत्र के मुख्य अतिथि भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ के विजय राघवन थे । डॉक्टर संदीप वर्मा, सेक्रेटरी, एस ई आर बी, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, न्यू दिल्ली तथा प्रोफेसर देवांग खखर, वाइस प्रेसिडेंट, इंडियन नेशनल साइंस अकडेमी, न्यू दिल्ली व इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुंबई के भूतपूर्व डायरेक्टर गेस्ट ऑफ ऑनर थे।
भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी के सदस्य तथा दयालबाग शिक्षण संस्थान में रसायन विज्ञान के प्रवक्ता डॉ रंजीत कुमार ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी की स्थापना 7 वर्ष पूर्व भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (इंसा), न्यू दिल्ली के द्वारा की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को बेसिक साइंस की ओर आकर्षित करना है तथा विज्ञान के लाभ को समाज में प्रचार प्रसार कर आम लोगों को लाभान्वित कराना है। डॉ कुमार ने कहा की भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता रहता है तथा सामाजिक दायित्व का बड़े ही सजगता पूर्वक निर्वहन भी कर रहा है । उन्होंने बताया कि भारतीय युवा विज्ञान अकादमी विज्ञान कैंप, रिमोट एरिया लेक्चर, विज्ञान पोस्टर प्रतियोगिता तथा कॉन्फ्रेंस आयोजित कर खासकर युवा वर्ग को विज्ञान से होने वाले फायदे से अवगत कराता है। डॉ कुमार ने बताया की आज के उद्घाटन के अवसर पर डॉक्टर के विजय राघवन, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, भारत सरकार ने राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी के वार्षिक गतिविधि की सराहना की तथा कहा कि भारतीय युवा विज्ञान अकादमी को हमारे देश के वैज्ञानिक उपलब्धि को युवाओं तक पहुंचाना चाहिए ।

इसके लिए भारतीय युवा विज्ञान अकादमी को विभिन्न भाषाओं में अपने गतिविधियों, उपलब्धियों व वैज्ञानिक खोजों को युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से विदेशों में अलग-अलग तरह के विज्ञान अकादमी एक ही जगह पर होते हैं तथा साथ मिलकर देश तथा समाज के उन्नति एवं प्रगति के लिए काम करते हैं उसी तरह से हमारे देश में भी विभिन्न विज्ञान अकादमी को आपस में जुड़ मिलकर भारत देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना चाहिए । प्रोफेसर के विजय राघवन ने भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी (इन्यास) के द्वारा इन्यास समाचार पत्रिका का विमोचन करते हुए कहा की इस पत्रिका को विभिन्न भाषाओं में संकलित कर प्रकाशित करना चाहिए ।
भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी के इन्यास न्यूजलेटर का हिंदी रूपांतरण दयालबाग शिक्षण संस्थान के वैज्ञानिक डॉ रंजीत कुमार, फिजिकल रिसर्च लैबोरेट्री, अहमदाबाद के डा अरविंद सिंह तथा भोपाल के डॉक्टर मनोज गुप्ता ने किया है । कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर डॉक्टर संदीप वर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी के वैज्ञानिक व सामाजिक गतिविधियों का सराहना किया तथा कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से सभी तरह के संभव मदद प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर तथा भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (इंसा) के उपाध्यक्ष डॉक्टर देवांग खककर् ने इंडियन नेशनल यंग एकेडमी ऑफ साइंस को इंडियन नेशनल साइंस अकैडमी न्यू दिल्ली का एक उपलब्धि बताया तथा कहा कि इंडिया नेशनल यंग एकेडमी ऑफ साइंस वैज्ञानिक प्रगति के साथ-साथ विज्ञान को समाज से जोड़ने का भी बखूबी कार्य कर रहा है । आज के समय में विज्ञान को समाज के हर स्तर तक पहुंचाने की जरूरत है।
इंडिया नेशनल यंग एकेडमी ऑफ साइंस के सदस्य डा रंजीत कुमार ने कहा कि इन्यास रिमोट एरिया लेक्चर के माध्यम से गरीब व ग्रामीण बच्चों को विज्ञान के प्रति आकर्षित कर रहा है तथा उनके अंदर के हुनर को बाहर निकालने का भी प्रयास कर रहा है। इंडियन नेशनल यंग एकेडमी ऑफ साइंस के सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर इन्यास के चेयरपर्सन व आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर चंद्रशेखर शर्मा ने इन्यास की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया तथा उद्देश्य से लोगों को अवगत कराया । कार्यक्रम का संचालन आई आई एस ई आर, मोहाली के डा सुगंधा महेश्वरी ने किया। इस अवसर पर इन्यास के लगभग 75 वैज्ञानिक व प्राध्यापक देश के विभिन्न क्षेत्रों, राज्यों व शहरों से जुड़े हुए थे।