आगरालीक्स…। समाजवादी पार्टी की टिकट मिलना इस बार टेड़ी खीर है। जुगाड़-सिफारिश से काम नहीं चलेगा। हर सीट पर दो एजेंसियों से कराया है सर्वे।
समाजवादी पार्टी की संस्कृति में बदलाव
समाजवादी पार्टी की संस्कृति में बदलाव आ रहा है। आने वाले चुनाव में सिफारिश अथवा संबंधों के आधार पर सपा की टिकट मिलना मुश्किल है। पता चला है कि सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दो अलग-अलग एजेंसियों से हर सीट पर सर्वे कराया है।
टिकट मांगने वालों से दूरी
अखिलेश यादव की योजना सर्वे के नतीजों के आधार पर टिकट वितरण की है। इसलिए उन्होंने टिकट मांगने वालों से मिलना जुलना बंद कर दिया है।
अखिलेश ने नेताओँ को चुनाव क्षेत्र में काम करने को भेजा
2022 में होने वाले चुनावों को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बहुत संजीदा हैं। उनके साथ साये की तरह रहने वाले कुछ नेताओं को भी उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्रों में काम करने के लिए भेज दिया है। अभी नहीं तो कभी नहीं की तर्ज पर प्रदेश की प्रत्येक सीट पर वह सर्वे के आधार पर विचार कर रहे हैं। मुंह उठाकर जब चाहे लखनऊ चले आने वाले नेताओं से उन्होंने मिलना बंद कर दिया है।
मिलने वालों को खुद बुलवाते हैं अखिलेश
सपा मुखिया खुद ही वह जिससे मिलना चाहते हैं, उसे खबर भेजकर बुलाते हैं। सपा कार्यालय में भी किसी नेता को यदि वह दूसरी बार देख लेते हैं तो उसे टोकते हैं कि लखनऊ क्यों पड़े हो, जाइए अपने क्षेत्र में जाकर काम करिए।
चुनाव प्रबंधन विदेशी मैनेजमेंट कंपनी के हवाले
यह भी पता चला है कि एजेंसियों से सर्वे के अलावा अखिलेश यादव ने किसी विदेशी चुनाव मैनेजमेंट कंपनी की सेवाएं ली हैं। यह कंपनी ही पूरे प्रदेश में चुनाव का मैनेजमेंट संभालेगी।
सपा के केंद्रीय कार्यालय का माहौल बदला
अखिलेश यादव का अधिकांश समय इस एजेंसी के लोगों के साथ विचार विमर्श में बीतता है। सपा के केंद्रीय कार्यालय का बदला माहौल देखकर कार्यालय पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं में उत्साह है। अखिलेश यादव जब भी कार्यालय पहुंचते हैं तो वहां उपस्थित कार्याकर्ताओं को किसी शिक्षक की तरह चुनाव में जीत का मंत्र समझाते हैं तथा उन्हें प्रेरित करते हैं कि वे अपने बूथ पर जाकर काम करें।