आगरालीक्स…आगरा में भाजपा के दो विधायकों का पत्ता साफ हो सकता है। दोनों विधायक अब सपा से टिकट पाने की जुगत भिड़ा रहे हैं। एक तो अपना क्षेत्र बदलने को भी राजी हैं। इससे गहमागहमी बढ़ गई है।
कई सिटिंग विधायक हैं निशाने पर
भाजपा में कई सिटिंग विधायकों की टिकट कटने की आशंका के मद्देनजर आगरा जिले के दो विधायक विकल्प तलाश रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि पार्टी उनकी टिकट काट सकती है। यह दोनों विधायक सपा के संपर्क में हैं। इनमें से एक विधायक अपनी विधानसभा छोड़ दूसरे विधानसभा क्षेत्र में सपा का उम्मीदवार होने को प्रयासरत हैं।
विधायकों को लग गई है भनक
सूत्रों को कहना है कि भाजपा के दो विधायकों को भनक लग गई है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी उन्हें प्रत्याशी नहीं बना रही। सर्वे के नतीजे उनके खिलाफ गए हैं।

संगठन में नहीं ली जा रही है राय
साथ ही उनके विधानसभा क्षेत्र में संगठन के इशारे पर कुछ ऐसा हो रहा है, जिसमें उनसे कोई राय नहीं ली गई है। इससे उन्हें यह आशंका बलवती हो गई है कि उनकी टिकट कट सकती है।
अपना क्षेत्र छोड़ दूसरे क्षेत्र से मांगी सपा से टिकट
ऐसे ही एक विधायक ने अपना मन समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने का बना लिया है। हालांकि वे जिस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, अब उस विधानसभा से उम्मीदवार होना नहीं चाह रहे।
टिकट कटा तो भविष्य भी दांव पर
भाजपा के विधायकों को लग रहा है कि प्रदेश में भाजपा को चुनौती देने वाली पार्टी के रूप में सपा ही सामने आयी है। अगर उनकी टिकट भाजपा से कटती है तो उनका करियर ही दांव पर लग सकता है। ऐसे में उन्होंने सपा से चुनाव लड़ने का मन बनाया है।
सिंहासन हिलने से बढ़ गई है बेचैनी
एक अन्य दूसरे विधायक के विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के बड़े नेताओं के इशारे पर कुछ ऐसा चल रहा है, जिसमें उनकी कोई सहमति नहीं ली गई। बल्कि उन्हें लग रहा है कि उनके समानांतर किसी अन्य को खड़ा किया जा रहा है। पार्टी के सूत्रों से उनको यह भी भनक लग रही है कि सबकुछ नेतृत्व को पता है। इससे उनका सिंहासन हिल रहा है।
एक विधायक की पत्नी और बच्चे बना रहे सपा में जाने का दबाव
दूसरी ओर उनकी पत्नी तथा बच्चे उन पर दबाव बना रहे हैं कि वे भी सपा से संपर्क करें। जिस विधायक ने सपा से संपर्क साध लिया है, उन विधायक जी का उदाहरण इन विधायक के पत्नी तथा बच्चे दे रहे हैं।
सपा को भी है दमदार प्रत्याशी तलाश
भाजपा के विधायकों को भी लग रहा है कि सपा में उन्हें जगह मिल सकती है क्योंकि जिले की अधिकांश सीटों पर सपा के पास कोई दमदार उम्मीदवार, कोई बड़ा नाम नहीं है। ऐसे में अपने राजनैतिक जीवन को खत्म होने से बचाने के लिए उनको यही उचित विकल्प नजर आ रहा है।