आगरालीक्स…(13 December 2021 Agra News) आगरा में दर्ज 22 साल पुराने केस में मुख्तार अंसारी की हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी. अंसारी को ब्रेन हैम्ब्रेज होने का डर. कहा—नहीं मिल रहा इलाज
आगरा के थाना जगदीशपुरा में दर्ज 22 साल पुराने केस में सोमवार को कोर्ट में मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई. स्पेशल जज (एमएलए-एमपी) नीरज गौतम की कोर्ट में थाना जगदीशपुरा में तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवशंकर शुक्ला उपस्थित रहे जिन्होंने अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. बता दें कि मऊ सदर से विधायक मुख्तार अंसारी को वर्ष 1999 में आगरा की सेंट्रल जेल में रखा गया था. मार्च में अधिकारियों ने अंसारी की बैरक में छापा मारा तो वहां से मोबाइल व बुलेटप्रूफ जैकेट मिले. इस पर जगदीशपुरा थाने में तत्कालीन थानाध्यक्ष ने इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज था. इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए नीरज गौतम की अदालत में चल रही है.

नहीं हो सकी जिरह, अगली तारीख 23 दिसंबर
सोमवार को मुकदमे में वादी एवं गवाह तत्कालीन थानाध्यक्ष शिशंकर शुक्ला उपस्थित रहे, लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता एमके सारस्वत के निधन के चलते वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहे जिसके कारण वादी से जिरह नीं हो सकी. इस दौरान बांदा जेल में निरुद्ध अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई. इसमें उसने अपनी तबियत का हवाला देकर इलाज कराए जाने की मांग की. अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 23 दिसंबर नियत की है.
ब्रेन हैम्ब्रेज का डर
बचाव पक्ष के वकील डॉ. रवि अरोरा ने कोर्ट में अंसारी की बीमारी का हवाला देते हुए प्रार्थना पत्र दिया. जिसमें कहा गया है कि अंसारी की किडनी में सक्रमण है, ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. उसे शासन के दबाव में समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. ऐसे में उसे कभी भी ब्रेन हैम्ब्रेज हो सकता है. उन्होंने त्काल चकित्सा उपलब्ध कराए जाने की मांग की जिस पर कोर्ट ने बांदा जेल अधीक्षक को नियमानुसार चिकित्सा सुविध उपलब्ध कराने के आदेश दिए.