आगरालीक्स….। अंतत: जैसा अनुमान था वैसा ही हुआ। चुनाव आते ही चाचा-भतीजे के गिले-शिकवे दूर हो गए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के बीच समझौता हो गया।
प्रसपा के 10 से 11 नेता सपा प्रत्याशी के रूप में लड़ेंगे चुनाव
सूत्रों का कहना है कि सपा अध्यक्ष 10 से 11 सीट प्रसपा को देने को सहमत हो गए हैं किंतु प्रसपा के उम्मीदवार सपा के चुनाव चिन्ह पर सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। केवल प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव तथा उनके बेटे प्रसपा के चिन्ह पर चुनाव लड़ सकते हैं।
पिछले चुनाव से छिड़ी चाचा-भतीजे में रार
बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ही चाचा तथा भतीजे में मतभेद हो गए थे। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कई बार दोनों को बैठाकर बीच का रास्ता तलाशने की कोशिश की किंतु खाई गहरी ही होती गई।
प्रसपा का गठन कर दी थी चुनौती
धीरे-धीरे नौबत यहां तक आ गई कि शिवपाल यादव ने अपनी अलग पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाने की घोषणा कर दी तथा पार्टी का गठन कर लिया। जिस समय शिवपाल यादव अलग हुए उनके साथ लगभग 44 पूर्व विधायक थे किंतु समय के साथ-साथ उनके साथ खड़े पूर्व विधायकों की संख्या भी कम होती गई। बीच में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चाचा को प्रसपा का सपा में विलय का प्रस्ताव दिया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
मुलायम के जन्मदिन पर बनी सहमति
सूत्रों का कहना है कि विगत 22 नवंबर को सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के अवसर पर परिवार के सभी लोग एकत्रित हुए। कल हुई मुलाकात की पटकथा जन्मदिन के अवसर पर लिख दी गई थी। पूर्व में शिवपाल यादव अपनी पार्टी के लिए 60 से 70 सीट मांग रहे थे, जिसे अखिलेश यादव ने सिरे से नकार दिया था।
जसवंत नगर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं शिवपाल यादव
अखिलेश यादव शुरू से ही अपने चाचा शिवपाल यादव के लिए जसवंतनगर की विधानसभा सीट तथा उनके पुत्र के लिए एक अन्य सीट छोड़ने को तैयार थे। शिवपाल यादव पर उन लोगों का भी दबाव था, जिन्होंने उनका साथ दिया। अंतत: शिवपाल यादव ने 10 से 11 सीट अपने लोगों के लिए छोड़ने का प्रस्ताव दिया जिसे अखिलेश यादव ने सर्शत स्वीकार कर लिया। शिवपाल यादव की पार्टी के 10 से 11 उम्मीदवार सपा के उम्मीदवार के रूप में सपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
एक या दो सीट पर ही चुनाव लड़ेगी प्रसपा
प्रसपा एक या दो सीट पर चुनाव लड़ेगी। जसवंतनगर सीट से शिवपाल यादव का चुनाव लड़ना तय है। यहां सपा अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा करेगी। दूसरी एक कोई भी सीट शिवपाल यादव अपने बेटे के लिए मांग सकते हैं।
।