
डायबिटीज टाइप वन बच्चों में होने वाला मधुमेह है, यह जन्मजात होने के साथ कई अन्य कारणों से बच्चों में हो रहा है। इस तरह के केस में इंसुलिन दी जाती है, लेकिन कुछ बच्चों को ही इंसुलिन मिल पाती है। इसे देखते हुए रिसर्च सोसायटी फॉर द स्टडी आॅफ डायबिटीज इन इंडिया
आरएसएसडीआई ने देश भर में बच्चों को पफ्री में इंसुलिन दिलवाने के लिए अभियान शुरू किया है। इसी के तहत आगरा में भी बच्चों को इंसुलिन दी जानी है।
यहां करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
फ्री इंसुलिन की सुविधा लेने के लिए जिस चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं, वहां रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। मगर, वहां रजिस्ट्रेशन नहीं होता है तो सांई की तकिया स्थित डॉ सुनील बंसल और न्यू आगरा स्थित डॉ अतुल कुलश्रेष्ठ को नोडल अधिकारी बनाया गया है, यहां भी रजिस्ट्रेशन कराए जा सकते हैं। इसके लिए उनके क्लीनिक पर फार्मेट उपलब्ध हैं, इसमें बच्चे की बीमारी से लेकर उसका पता और फैमिली हिस्ट्री का ब्योरा देना है। यह रजिस्ट्रेशन 30 अप्रैल तक ही कराए जा सकते हैं। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे बच्चों को फ्री इंसुलिन मिल सके।
आगरा डायबिटिक फोरम कर रहा काम
ताजनगरी में डायबिटीज की रोकथाम के लिए आगरा डायबिटिक फोरम काम कर रहा है। इसके लिए डायबिटीज मरीजों का डाटा बेस तैयार किया जा रहा है। इन मरीजों के परिजनों को डायबिटीज ना हो, इसके लिए उन्हें जागरूक करने के साथ उनकी जीवनशैली में बदलाव के लिए सुझाव दिए जा रहे हैं।
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