
आगरा में पुलिस भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए दौड लगाई जाती है। पुरुष सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों की जगह दूसरे युवकों को दौडाया जा रहा है। इस तरह के करीब 10 केस पकडे जा चुके हैं। इसमें अभ्यर्थी की जगह दूसरे युवक दौडे थे, इन्हें पुलिस ने पकड लिया था और मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस युवकों को पकडने के बाद रैकेट को पकडने के लिए पूछताछ कर रही थी। इसमें आगरा पुलिस को बडी सफलता मिली है। पुलिस भर्ती प्रभारी एसपी ट्रैिफक ने बताया कि पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों की जगह अन्य युवकों को दौडाने के लिए रैकेट काम कर रहा था। रैकेट के तीन सदस्यों को पकड लिया गया र्है। इनसे पूछताछ की जा रही है, जिससे पूर्व में हुए इस तरह के केसों को पर्दाफाश हो सके।
सरगना पकडा गया
पुलिस भर्ती में मुन्नाभाई को दौडाने वाले गिरोह का सरगना सतीश निवासी हाथरस है। वह अभ्यर्थियों से सौदेबाजी करता था, उनसे 50 से 80 हजार रुपये में दौड में पास होने की गारंटी ली जाती थी। इसके बाद ऐसे युवकों से संपर्क किया जाता था जो पुलिस दौड में पास हो चुके हैं। इन युवकों को 10 से 20 हजार रुपये देकर पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों की जगह दौडा दिया जाता था। वहीं, गिरोह का एक सदस्य प्रदीप बर्खास्त सिपाही है, वह छत्तीसगढ में कार्यरत था। कुछ समय पहले वह पुलिस से बर्खास्त हो चुका है और गिरोह से जुड कर काम कर रहा था।
Leave a comment