
मथुरा के टाउनशिप स्थित डायट परिसर में चल रहे प्राइमरी स्कूल में बुधवार को बच्चों को दूध के पैकेट दिए गए। यहां काशीराम कॉलोनी के बच्चे पढते हैं। कुछ बच्चे दूध के पैकेट घर ले गए, गुरुवार को दूध पीने के बाद उनकी तबियत बिगड गई। बच्चों को परिजन लेकर स्वर्ण जयंती हॉस्पिटल, रिफाइनरी लेकर पहुंचे। यहां एक के बाद एक
20 बच्चों को भर्ती कराया गया।
दो बच्चों की मौत
काशीराम कॉलोनी में रहने वाली तीन साल की कीर्ति और चार वर्षीय जिशान की दूध पीने के बाद तबियत बिगडने पर इलाज नहीं मिल सका, इसके चलते दोनों बच्चों की मौत हो गई। बच्चों की मौत से कॉलोनी में कोहराम मचा हुआ है।
स्कूल पर हंगामा
बच्चों की मौत की जानकारी होने पर कॉलोनी के लोग डायट स्थित स्कूल में पहुंच गए और हंगामा किया। उन्हें पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत कराया। मिड डे मील के दूध से बच्चों की मौत की जानकारी होते ही डीएम राजेश कुमार भी पहुंच गए, उन्होंने शिक्षकों से दूध वितरण के बारे में जानकारी ली।
खराब दूध पीने से बिगडी तबियत
डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया है कि डायट के स्कूल में बुधवार को दूध के पैकेट वितरित किए गए थे। कुछ बच्चे घर पर दूध ले गए, गर्मी अधिक होने से दूध खराब हो गया, इसे पीने के बाद बच्चों की तबियत बिगड गई और मौत हो गई। स्कूल में बच्चों को दिए गए दूध में कोई कमी नहीं थी। हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा जांच कराई जा रही है।
आगरा में बीमार हुए थे 150 बच्चे
इससे पहले सितंबर 2015 में आगरा में मिड डे मील पीने के बाद 150 बच्चे बीमार हो गए थे, दूध में प्लास्टिक के कण और केमिकल मिला था, लेकिन समय से इलाज मिल जाने पर बच्चों की जान बच गई थी।
चुस्की खाने से 100 बच्चे हुए बीमार
इसके बाद मई में आगरा में चुस्की खाने के बाद 100 बच्चे बीमार हो गए थे, चुस्की में इस्तेमाल की गई रबडी खराब हो गई थी। समय से इलाज मिलने पर बच्चों की जान बचा ली गई।
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