आगरालीक्स… हाथरस सहित प्रदेश के 16 जिलों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कालेज खोले जाएंगे। इन जिलों में सरकारी अथवा प्राइवेट मेडिकल कालेज नहीं हैं।
हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कालेज जरूरी
प्रदेश सरकार हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कालेज खोलने की योजना को अब तेजी से अमली जामा पहना रही है। अभी तक महाराजगंज व संभल में निजी संस्था को पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कालेज खोलने की हरी झंडी दी जा चुकी है। अन्य जिलों के लिए 21 आवेदन मिल चुके हैं।
इन जिलों में खोले जाने हैं मेडिकल कॉलेज
प्रदेश में जिन जिलों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कालेज खोले जाने हैं. उनमें हाथऱस, महाराजगंज, संभल के साथ बागपत, बलिया, भदोही, चित्रकूट, हमीरपुर, कासगंज, महोबा, मैनपुरी, मऊ, रामपुर, संत कबीर नगर, शामली व श्रावस्ती शामिल हैं।
न्यूनतम सौ बेड के होंगे मेडिकल कॉलेज
फिलहाल इन जिलों में मेडिकल कालेज खोले जाने के कारण यहां रहने वाले लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर दौड़ नहीं लगानी होगी। जिन दो जिलों में मेडिकल कालेज खोलने की अनुमति अब तक दी जा चुकी है, वह न्यूनतम सौ-सौ बेड के होंगे।
निजी संस्थाओं को वित्तीय प्रोत्साहन भी निजी संस्थाओं को वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। जिला अस्पतालों को उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज बनाए जा सकते हैं। सरकारी जमीन पर निजी संस्था मेडिकल कालेज बना सकती हैं या फिर वह खुद की जमीन पर मेडिकल कालेज का निर्माण कर सकती हैं। उन्हें कुछ मरीजों का इलाज सरकारी मेडिकल कालेजों की तरह सस्ते दर पर करना होगा। आयुष्मान कार्ड धारक परिवार के लोगों का निश्शुल्क इलाज करना होगा। फिलहाल ज्यादा से ज्यादा निजी संस्थाओं को आमंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।