
जिला विज्ञान कोआर्डिनेटर जिया अहमद खान ने बताया कि आने वाले 35 साल में पांच बार ही सूर्य और धरती के बीच से बुध गुजरेगा। 9 मई 2016, 11 नवंबर 2019, 07 नवंबर 2039, 13 मई 2032 और 7 मई 2049 को ऐसा होगा। बुध पारगमन की इस अद्भुत खगोलीय घटना को दिखाने का इंतजाम जिला विज्ञान क्लब ने अहिल्या बाई होल्कर स्पोर्ट स्टेडियम में किया है।
9 मई को शाम 4:30 से 6:50 बजे के बीच सूर्य की सतह के सामने से बुध ग्रह को चलते हुए दिखाने के लिए सोलर फि ल्टर चश्मे का इंतजाम किया गया हैं।
इस तरह आप भी देख सकते हैं
बुध पारगमन की खगोलीय घटना को नंगी आंखों से न देखें। जिला विज्ञान कोआर्डिनेटर जिया अहमद खान ने बताया कि रंगीन फि ल्म धूप के चश्मे एक्स.रे फि ल्म या चश्मे के इस्तेमाल से बचें। कांच या रंगीन पानी द्वारा परावर्तित सूर्य को सीधे कभी न देखें। पारगमन को देखने के लिय प्रमाणित सोलर फ़ि ल्टर का ही उपयोग करें। सोलर फ़ि ल्टर का उपयोग करने से पहले यह जाँच ले कि उसमे कोई खरोंच या सुराग न हो। ऐसा न करने पर आंख अथवा शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।
यह है बुध ट्रांसिट
सूर्य और पृथ्वी के बीच बुध ग्रह आ जाता है तो उसे बुध पारगमन (मरकरी ट्रांसिट ) कहा जाता है। पारगमन का अर्थ किसी छोटे खगोलीय पिंड का अपेक्षाकृत किसी बड़े खगोलीय पिंड के समक्ष गुजरना होता है। बुध सूर्य के सबसे करीब एक छोटा सा ग्रह है। बुध अपनी धुरी पर 58.7 दिन में एक चक्कर लगाता है। सूर्य का चक्कर लगाने में इसे 88 दिन लगते है। बुध का कोई उपग्रह नहीं है। दिन में इस ग्रह का तापमान 350 तथा रात में -170 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
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