
सोमवार को आगरा के फतेहपुर सीकरी में एक घर में आग लग गई, उस समय घर में रघुनाथ की पत्नी प्रियंका, मोहन 5 और मयंक 3 थे। कुछ ही देर में आग बेकाबू होती चली गई और कमरा आग की लपटों में घिर गया। प्रियंका और मोहन आग की लपटों के बीच से निकल आए, लेकिन वे मयंक को बाहर नहीं निकाल सके।
कोई मेरे बेटो को बचाओ
कमरे के बाहर प्रियंका दहाडे मार कर लोगों ने मयंक को बचाने की गुहार लगाती रही, उसने खुद भी कमरे में जाने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने आग की लपटें बेकाबू होने पर उसे रोक लिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से आग पर काबू पाया, इसके बाद कमरे की दीवाल को तोडकर मयंक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
छलेसर के जंगल में भडकी आग
सोमवार शाम को आगरा के यमुना पार स्थित छलेसर के जंगलों में आग बेकाबू होते चली गई। कुछ ही देर में आग की चपेट में जंगल का बडा हिस्सा आ गया, आग के बेकाबू होने पर आस पास के गांव के लोग भी पहुंच गए, उन्होंने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में आग ने जंगल के बडे हिस्से को चपेट में ले लिया।
देर से पहुंची दमकल
आग बेकाबू होने पर स्थानीय लोग उसे बुझाने में जुटे रहे, वे दमकल कर्मियों का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दमकल की गाडियों को पहुंचने पर समय लग गया, इसके बाद जंगल में अंदर से दमकल की गाडी नहीं पहुंच सकी। इसके बाद बचाव कार्य तेज हो सका, बुमिश्कल से आग पर काबू पाया जा सका।
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