आगरालीक्स…आगरा के शंकर ग्रीन बिल्डर्स के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप. थाना हरीपर्वत में दर्ज हुआ मुकदमा.
आगरा के थाना हरीपर्वत में शंकर ग्रीन बिल्डर्स के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज किया गया है. याचिका कर्ता अनुराग अग्रवाल का आरोप है कि बिल्डर्स ने उसको आवंटित फ्लैट साजिश के तहत दूसरे ग्राहकों को बेच दिए हैं. जबकि वह आवंटित फ्लैट का पूरा भुगतान भी कर चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्डर्स ने इस धोखाधड़ी में दूसरे ग्राहकों को भी शामिल किया है. याचिका कर्ता का आरोप है कि वर्ष 2015 एवं 2016 में ही सारा भुगतान बिल्डर्स को कर दिया था. बिल्डर की ओर से रवि शंकर, दीपेंद्र शंकर, हिमांशु अग्रवाल एवं प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. जन ग्राहकों ने बिल्डर्स का साजिश में साथ दिया उनका नाम मनीष सिंघल, शरद बंसल, राहुल नमा एवं रति नमा है.

शिकायतकर्ता अनुराग अग्रवाल का आरोप है कि उन्होंने शंकर ग्रीन बिल्डर्स से 7 फ्लैट्स का एग्रीमेंट किया था, जिसके एवज में बैंक के जरिए 3 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया तथा एक करोड़ रुपये का भुगतान अलग से किया गया. लेकिन तय समय पर न तो कब्जा दिया गया और न ही रजिस्ट्रियां की गईं. आरोप है कि बिल्डर्स ने 7 फ्लैट्स में से 4 फ्लैट्स के साजिश के तहत बेच दिए और साजिश में खरीदारों को भी शामिल किया गया. आरोप है कि ये लोग शेष 3 फ्लैट्स भी जल्द बेच देंगे.
इनके खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
दीपेंद्र शंकर अग्रवाल पुत्र रविशंकर
हिमांशु अग्रवाल पुत्र रविशंकर
रविशंकर पुत्र स्व. दयाशंकर
नवीन अग्रवाल प्रोजेक्ट मैनेजर
मनीष सिंघल
शरद बंसल
अनुराग अग्रवाल का आरोप है कि बिल्डर ने शंकर ग्रीन का अभी तक कम्प्लीशन सर्टिफिकेट भी एडीए से प्राप्त नहीं किया है तथा उसका नक्शे कि समय सीमा समाप्त हो गई है. ज्ञात हो कि शंकर ग्रीन बिल्डर्स का काम पिछले दस साल से चल रहा है. यही नहीं यूपी रेरा अदालत ने बीते अक्टूबर माह मे शंकर ग्रीन के खिलाफ निर्णय देते हुए कूटरचित दस्तावेजों द्वारा की गई 5 फ्लैटों की रजिस्ट्री को भी निरस्त करने के आदेश दिया था.
एक अन्य मामले में भी पुलिस ने मार्च 2022 में रवि शंकर, दीपेंद्र शंकर एवं हिमांशु अग्रवाल के खिलाफ 506, 504, 420, 120बी धाराओं के अंतर्गत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है. पुलिस ने अपनी जांच में आरोपियों पर बैंक में दृष्टिबंधित प्लाट बेच कर रजिस्ट्री न करने का अरोप सही पाया था.
हमारे खिलाफ यह क्रॉस एफआईआर: दीपेंद्र शंकर अग्रवाल
इस संबंध में जब शंकर ग्रीन्स के बिल्डर दीपेंद्र शंकर अग्रवाल से बात की गई तो उनका कहना है कि पुलिस में दर्ज की गई इस एफआईआर में कई तथ्य छिपाए गए हैं. दीपेंद्र ने आरोप लगाया कि शिकायकर्ता द्वारा बिल्डर के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी और वह भुगतान करने में असमर्थ था जिसके कारण यूनिट रद कर दी गई और बिल्डर द्वारा सीधे बैंक को पैसा वापस कर दिया गया. दीपेंद्र का कहना है कि हमारे द्वारा एक मामले में 26 मार्च 2022 को एफआईआर 0139/2022 पहले से ही शिकायतकर्ता के खिलाफ दर्ज की गई है जिसमें रमा शंकर, रचित अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, मधुसूदन कंपनियों का सामना करने वाले दिवाला के निदेशक आरोपित हैं. इसलिए यह यह एक क्रॉस एफआईआर है और पुलिस को सूचना दी गई है. उनका कहना है कि शिकायतकर्ता ब्लैकमेलिंग और पैसे हासिल करने के लिए अवैध तरीकों का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं.