
आगरा में कई सालों से इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मांग हो रही है, हर बार तकनीकी और राजनीतिक अड़चनों के कारण मामला आगे नहीं बढ रहा था। इसके विकल्प के रूप में प्रशासन ने खेरिया एयरपोर्ट का विस्तार कर वहां सिविल एंक्लेव (टर्मिनल) बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए तीन गांवों में करीब 24 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा था। किसानों ने इसका विरोध किया लेकिन जब सर्किल रेट के चार गुना भुगतान का प्रस्ताव उनके सामने रखा गया तो किसानों ने सहमति दे दी। जमीन खरीद के लिए प्रशासन ने करीब 1.53 अरब रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। तमाम परीक्षण के बाद शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सचिव एसके रघुवंशी ने निदेशक नागरिक उड्डयन उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर भूमि क्रय करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। शासन ने 28.40 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी कर दी है।
इन गांवों में होगी खरीद
सिविल एंक्लेव के लिए जमीन की खरीद तीन गांवों से होगी। तहसील सदर और भूमि अध्याप्ति कार्यालय ने जमीन की नापजोख कर नक्शा तैयार कर लिया है। इसके मुताबिक गांव धनौली में 20.8029 हेक्टेयर, बल्हेरा में 0.2380 हेक्टेयर और अभयपुरा में 2.2772 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। इसके साथ ही तीनों गांवों में ग्राम सभा/सरकारी जमीन का करीब 0.323125 हेक्टेयर भूमि भी खेरिया एयरपोर्ट में शामिल की जाएगी।
लीज पर ली जाएगी जमीन
केंद्रीय मंत्री डॉ राम शंकर कठेरिया ने बताया कि खेरिया हवाई अड्डे पर सिविल टर्मिनल को लेकर आ रही अड़चन दूर करने का रास्ता निकाल लिया गया है। एयरफोर्स के पास लगभग 500 एकड़ जमीन है। इसी में से सिविल टर्मिनल के लिए 250 एकड़ जमीन का करार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे एयरफोर्स को सुरक्षा का खतरा भी नहीं होगा।इसके लिए भारत सरकार अब नई जमीन खरीदने की बजाय एयरफोर्स से ही 250 एकड़ जमीन 30 साल के लिए लीज पर लेगी।
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