आगरालीक्स…. आगरा के एक बड़े कान्वेंट स्कूल ने समर वैकेशन न करने का लिया निर्णय, अभिभावकों ने खोला मोर्चा तो स्कूल ने भी दिए तर्क, सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा, बच्चों के साथ शिक्षक भी परेशान हैं।

आगरा के एक बड़े कान्वेंट स्कूल की दो विंग हैं, जूनियर विंग और सीनियर विंग। स्कूल प्रबंधन ने कोरोना काल में आनलाइन क्लासेज से छात्रों की पढ़ाई के नुकसान का हवाला देते हुए इस बार गर्मियों की छुटटी न करने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में अभिभावकों ने वाटस एप ग्रुपों पर मोर्चा खोल दिया है। स्कूल में 12 से 15 दिन की छुटटी की मांग की जा रही है।
स्कूल ने कहा कि पढ़ाई के गैप को खत्म करने की कवायद
अभिभावकों द्वारा स्कूल के खिलाफ शुरू किए गए सोशल मीडिया कैंपेन पर स्कूल प्रबंधन ने भी स्पष्ट किया है, पत्र जारी कर लिखा है कि कोरोना के दो साल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। प्रत्येक ब्रज कोर्सेज भी प्लान किए गए हैं, इसलिए गर्मियों की छुटटी न करने का निर्णय लिया गया है, बाकी अभिभावक को निर्णय लेना है। वे अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय देना चाहते हैं या नहीं लेकिन सोशल मीडिया पर चल रहे कैंपेन का स्कूल प्रबंधन कोई रिप्लाई नहीं देगा।
अभिभावकों ने कहा, छुटटी जरूरी है
कान्वेंट स्कूल के पत्र के जवाब में अभिभावकों ने कहा है कि यह हम जानते हैं कि कोरोना काल में पढ़ाई पर असर पड़ा है। मगर, यह भी सही है कि बच्चों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ब्रेक दिया जाना चाहिए। 12 दिन की छुटिटयों से बच्चे अपने आप को अच्छा महसूस करेंगे और छुटटी खत्म होने के बाद और अच्छी तरह से पढ़ाई करेंगे।
स्कूल की टाइमिंग में बदलाव की मांग
इसके साथ ही अभिभावकों ने गर्मी को देखते हुए स्कूल के समय में बदलाव की भी मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे सुबह 6.20 पर स्कूल के लिए जा रहे हैं और दोपहर 2.30 बजे घर लौट रहे हैं उस समय धूप में निकलना मुश्किल होता है। हालांकि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि एसी बस हैं लेकिन अभिभावकों का कहना है कि एसी बस से उतरने के बाद धूप में बच्चे एक्सपोज हो रहे हैं और सर्दी जुकाम और बुखार हो रहा है।