आगरालीक्स… श्री गंगा जन्मोत्सव आठ मई को है। इस दिन रवि पुष्य नक्षत्र गंण्ड योग के शुभ संयोग में गंगा स्नान से पाप व कष्टों से मुक्ति संभव है।
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घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान से भी पुण्य

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक सनातन धर्म अनुयाई गंगा जन्मोत्सव पर श्रद्धा विश्वास के साथ गंगा स्नान करने के लिए जाते हैं, जो लोग गंगा स्नान करने ना जा पाएं वह है अपने घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और “हर हर गंगे “मंत्र का जाप नहाते समय अवश्य ही करते रहें इससे अत्यंत ही पुण्य की प्राप्ति होगी। पाप और कष्टों से छुटकारा मिलता है।
💥 पौराणिक शास्त्रों में उल्लेख है कि जीवनदायिनी गंगा में स्नान, पुण्यसलिला नर्मदा के दर्शन और मोक्षदायिनी शिप्रा के स्मरण मात्र से मोक्ष मिल जाता है। वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन मां गंगा स्वर्गलोक से भगवान शिव की जटाओं में पहुंची थी, इसलिए इस दिन को गंगा सप्तमी, गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है।
🌜 गंगा स्नान का अपना अलग ही महत्व है, लेकिन वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य सभी दुखों से मुक्ति पा जाता है।
🌜 इस दिन पुण्यदायी कार्य करने से सभी पापों का क्षय होता है।
🌹 मान्यता है कि इस दिन गंगा पूजन से मांगलिक दोष से ग्रसित जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होता है। विधि-विधान से किए गए गंगा का पूजन अमोघ फल प्रदान करता है।
🌜 कहा जाता है कि गंगा नदी में स्नान करने से दस पापों का हरण होकर अंत में मुक्ति मिलती है।
🌸 गंगा सप्तमी के पर्व पर मां गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं।
💐 इस पर्व के लिए गंगा मंदिरों सहित अन्य मंदिरों पर भी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है
🌷 गंगा सप्तमी के दिन गंगा पूजन एवं स्नान से रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है।
